बॉर्डर पर एक और सर्जिकल स्ट्राइक, सेना ने मार डाले कई आतंकी, अजित डोभाल की प्लानिंग !
Sep 27 2017 3:54PM, Writer:सुमित
इंडियन आर्मी के जवानों ने एक बार फिर से हुंकार भरी है। जवानों ने म्यांमार सीमा पर आतंकियों के ठिकाने तबाह कर डाले हैं। बताया जा रहा है कि बुद्धवार सुबह पौने पांच बजे इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इसके साथ ही नगा उग्रवादियों के कैंम्प पर भारतीय सेना ने कहर बरपाया है। बताया जा रहा है कि म्यांमार बॉर्डर के पास लांख्लू गांव में इंडियन आर्मी ने जोरदार हमला किया। इस हमले में नगा उग्रवादियों को काफी बड़ा नुकसान हुआ है। इंडियन आर्मी के ईस्टर्न कमांड की तरफ से ये जानकारी दी गई है। खबर है कि इस कैर्रवाई में सेना का एक भी जवान घायल नहीं हुआ है। न्यूज एजेंसी एनएनआई का कहना है कि इस कार्रवाई में उग्रवादी संगठन NSCN(K) के गढ़ में भारी तबाही मची है। इस कार्रवाई में कई उग्रवादी मारे गए हैं। इसके साथ ही उग्रवादियों के कई ट्रेनिंग कैम्प भी तबाह हुए हैं।
देश के एनएसए अजित डोभाल को पहले से ही इस बात की जानकारी दे दी गई थी। बताया जा रहा है कि इस प्लान को तैयार करने में अजित डोभाल का बड़ा हाथ है। आपको याद होगा कि इससे पहले इंडियन आर्मी ने जून, 2015 में म्यांमार बॉर्डर में घुसकर ऐसी ही कार्रवाई को अंजाम दिया था। आर्मी की ईस्टर्न कमांड का कहना है कि उग्रवादियों के खिलाफ ये बड़ा ऑपरेशन बुधवार सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर किया गया है। पहले उग्रवादियों ने जवानों पर ओपन फायरिंग की थी। इसके बाद इंडियन आर्मी के जनामों ने जवाबी कार्रवाई में कई उग्रवादियों को मार गिराया। ईस्टर्न कमांड का कहना है कि उग्रवादी संगठन NSCN(K) को इस कार्रवाई में टारगेट किया गया है। कई उग्रवादियों को मार गिराया गया है और कई कैंम्प तबाह किए गए हैं। आर्मी का कहना है कि जवानों ने इंटरनेशनल बॉर्डर को पार नहीं किया।
आपको याद होगा कि इससे पहले उग्रवादियों ने जून, 2015 में मणिपुर के चंदेल में BSF के काफिले को निशाना बनाया था। इस बड़े हमले में देश के 28 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसके जवाब में इंडियन आर्मी ने पहली बार दूसरे म्यांमार में जाकर करीब 100 उग्रवादियों को मार गिराया था और कई कैम्प तबाह कर डाले थे। इस ऑपरेशन के लिए आर्मी ने 5 दिन पहले ही तैयार शुरू कर दी थी। इसके बाद पैरा कमांडोज ने सीमा पार की थी और उग्रवादियों के दो कैंप तबाह कर डाले थे। इस कार्रवाई में करीब 100 उग्रवादियों को मार गिराया गया था। इस ऑपरेशन के दौरान करीब 30 कमांडो हेलीकॉप्टर के जरिए म्यामांर के जंगलों में उतारे गए थे। इन कमांडोज ने आतंकियों के कैम्पों को तबाह कर डाला था। सरहद के उस पार इंडियन आर्मी अब तक बीते 45 सालों में 6 बार बड़ी कार्रवाई कर चुकी है।