image: Martyrs wife Selected army to serve country

देहरादून की इस बेटी को सलाम, शहीद पति का बदला लेने के लिए बनेंगी आर्मी ऑफिसर !

Sep 28 2017 7:29PM, Writer:कपिल

ये वो जज्बा है, जो आज हर किसी को एक सीख देता है। ये वो जज्बा है, जो देश की सेना के प्रति लोगों के दिल में विश्वास जगाता है। ये वो जज्बा है जो शहीद की एक पत्नी के दिल में उफान मार रहा था। आखिरकार वो बेटी देश की सेना में ऑफिसर बनने वाली है। देहरादून की रहने वाली नीता देशवाल को दिल बार बार सलाम करता है। इस बेटी ने आराम की नौकरी ठुकराकर पति की ही तरह फौज की वर्दी को चुना है। अप्रैल 2016 का वो मंजर जब मणिपुर में मेजर अमित देशवाल उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। पत्नी नीता देशवाल ने कभी हार नहीं मानी और शॉर्ट सर्विस कमीशन में सलेक्ट हो गई। फिलहाल नीता देशवाल ऑफिसर ट्रेनिंग ऐकेडमी चेन्नई में ट्रेनिंग ले रही हैं। नीता देशवाल के पति को उनके अदम्य साहस और शौर्य के लिए मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया है।

लेडी कैडेट नीता ने ये सम्मान ग्रहण किया। मेजर अमित देशवाल हरियाणा के रहने वाले थे। इस वजह से हरियाणा सरकार ने नीता देशवाल को सरकारी नौकरी ऑफर की थी। लेकिन नीता हमेशा से ही अपने पति के नक्शे कदम पर चलना चाहती थीं। उन्होंने नौकरी का ऑफर ठुकरा दिया। पति की मौत के दो महीने बाद नीता दिल्ली शिफ्ट हो गईं। दिल्ली में नीता ने सर्विस सेलेक्शन बोर्ड की तैयारी शुरू की। इसे मेहनत कहते हैं, अगर आपके दिल में कुछ कर गुजरने की हिम्मत है, तो पूरी कायनात आपको आपके लक्ष्य से मिलाने में जुट जाती है। नवंबर 2016 में नीता देशवाल आर्मी सेलेक्शन सेंटर भोपाल के जरिए सेना के शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए चुनी गई। ये पोस्ट नीता देशवाल को सैन्य विधवाओं के लिए आरक्षित कोटे के तहत मिली। नीता देशवाल के बेटे का नाम अर्जुन है।

नीता देशवाल अर्जुन को भी देश की सेना में ऑफिसर बनाना चाहती हैं। नीता कहती हैं कि उनके पति उनके हीरो थे। उनके पति के लिए सेना ही सबकुछ थी। नीता कहती हैं कि सेना के साथ जुड़कर उन्हें हर पल अपने पति का साथ महसूस होगा। नीता देशवाल कहती हैं कि सेना के बगैर वो कहीं नहीं जाना चाहती। आप समझ सकते हैं कि देश की सेना में भर्ती होने के लिए इस बेटी ने किस तरह की मेहनत की होगी। ये कुछ ऐसी बातें हैं, जो साबित करती हैं कि बेटियां कभी किसी से कम नहीं होती। वो लगातार आगे बढ़ती हैं और कभी भी हार नहीं मानती। नीता देशवाल को जितनी बार सलाम किया जाए, उतना कम है। इस बेटी को देशभर से शुभकामनाएं मिल रही हैं। जो भी नीता देशवाल की ये कहानी पढ़ रहा है, उन्हें दिल से सलाम कर रहा है। राज्य समीक्षा की टीम का इस वीर बेटी का कोटि कोटि प्रणाम।


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