उत्तराखंड-चीन बॉर्डर पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह, वीर जवानों के साथ मनाया दशहरा
Sep 30 2017 4:24PM, Writer:कपिल
देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह अपने चार दिन के उत्तराखंड दौरे पर हैं। इस दौरान वो देश के आखिर गांव कहे जाने वाले माणा पहुंचे। माणा पहुंचकर गृहमंत्री ने वीर जवानों की हौसला अफजाई की। जवानों के साथ ही उन्होंने चाय नाश्ता किया और उनकी परेशानियों के बारे में जाना। इस दौरान उन्होंने कहा कि वो इस बार का दशहरा इन वीर जवानों के साथ ही मनाएंगे। इस बात से जवानों में और भी उत्साह जाग गया। जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाते हुए कहा कि वो देश की रक्षा के लिए हर वक्त तैनात हैं। आपको याद होगा कि इससे पहले उत्तराखंडी से सटी सीमा पर चीन द्वारा घुसपैठ की खबरें भी आई थी। डोकलाम विवाद के बाद गृहमंत्री पहली बार सीमा पर पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों को हर सुविधा देना सरकार का पहला कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि सीमा पर अत्यधिक ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को हल्के और बेहतर कपड़े मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि उनके दिल में पहले से ही ये प्लान था कि दशहरे पर सीमा पर जाकर जवानों के साथ इसका जश्न मनाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे जवान देश की रक्षा के लिए अपने घर परिवार से दूर रहते हैं। सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से राजनाथ सिंह का ये दौरा अहम माना जा रहा है। आपको बता दें कि उत्तराखंड के चमोली से सटी सीमा घुसपैठ के लिहाज से अतिसंवेदनशील है। साल 2014 से अब तक इस सीमा पर चीन द्वारा पांच बार घुसपैठ के मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही गृहमंत्री ने अग्रिम चौकियों रिमखिम और लपथल का भी जायजा लिया। इसके अलावा माणा में आइटीबीपी की महिला कमांडो की यूनिट भी तैनात की गई है। इस यूनिट के हैरंतगेज करतब देखकर खुद गृहमंत्री भी हैरान रह गए। उन्होंने इस काम के लिए महिला जवानों को शाबासी दी।
राजनाथ सिंह ने कहा कि डोकलाम विवाद अब बीती बात हो गई है। उन्होंने बताया कि डोकलाम का मुद्दा बातचीत के जरिए हल हो चुका है। बीते शुक्रवार को गृहमंत्री ने बदरीनाथ मंदिर के दर्शन किए थे। उत्तराखंड में मौजूद भारत-चीन की सीमा को लेकर बीते दिनों कई बातें सामने आ चुकी हैं। बाड़ाहोती सेक्टर के पास चीन के हेलीकॉप्टर मंडराते हुए देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षा को लेकर कई बातें कही गई थई। उधर चीन का सरकारी अखबार कहा जाने वाले ग्लोबल टाइम्स भी कई बार कह चुका है कि डोकलाम में सफल ना होने पर उत्तराखंड और तिब्बत से सटे इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है। इस वजह से इस सीमा पर जवान तैयान किए गए हैं। जब पूरा देश दशहरा के रंग में डूबा हुआ था, तो ये जवान सरहदों पर हमारी रक्षा के लिए तैनात हैं। इस वजह से देश के गृहमंत्री ने फैसला लिया था कि इस बार का दशहरा वो जवानों के साथ ही मनाएंगे।