देवभूमि के बाबा केदार की ब्रह्मवाटिका, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देखा तो हैरान रह गए !
Oct 2 2017 6:40PM, Writer:कपिल
देवभूमि उत्तराखंड की महिमा के बारे में दुनिया जानती है। इस केदार धाम में एक ब्रह्मवाटिका बनाई गई है। समुद्रतल से 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस ब्रह्मवाटिका की तारीफ खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी करते हैं। जब गृहमंत्री केदारनाथ के दर्शनों के लिए आए तो उन्होंने वाटिका तैयार करने वाले दारोगा बीसी पाठक की इस पहल की जमकर तारीफ की है। इस वाटिका में इन दिनों ब्रह्मकमल समेत कई तरह के फूल खिले हैं। पर्यटकों को ये वाटिका लगातार अपनी तरफ आकर्षित करती जा रही है। बाबा के दर्शनों को आने वाला हर यात्री इस वाटिका का दीदार किए बिना वापस नहीं लौटता। इससे पहले रविवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह केदारनाथ धाम पहुंचे थे। इस बीच उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने इस ब्रह्मवाटिका के बारे में गृहमंत्री को जानकारी दी। अधिकारियों ने चौकी के प्रभारी बीसी पाठक की इस पहल के बारे में गृहमंत्री को बताया।
इसके बाद गृहमंत्री ने दारोगा से मिलने की इच्छा जताई। इसके बाद दारोगा पाठक गृहमंत्री के सामने पहुंचे और उन्हें इस बात की जानकारी दी। गृहमंत्री ने पाठक की पीठ थपथपाई और उन्हें शुभकामनांए दीं। केदारपुरी में आप नजर दौड़ाएंगे तो दूर-दूर तक आपको पेड़-पौधे नजर नहीं आएंग। लेकिन धाम के बेस कैंप में पुलिस ने ब्रह्मवाटिका तैयार की है और एक अनूठी मिसाल पेश की है। इस वाटिका में बह्मकमल के साथ ही अलग अलग प्रजाति के रंग-बिरंगे फूल और रुद्राक्ष के पौधे लगाए गए हैं। आपदा के बाद इसे संवारने में एसआइ बीसी पाठक के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही इन टीम ने पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दिया है। इससे केदारपुरी की खूबसूरती पर चार चांद लग रहे हैं। खास बात ये है कि इससे पर्टन को भी बढ़ावा मिल रहा है।
यूं तो ब्रह्मकमल 14 हजार फीट की ऊंचाई पर उगता है। लेकिन केदारपुरी में 11500 फीट की ऊंचाई पर ही इस टीम ने ब्रह्मकमल खिला दिए। इसके अलावा रुद्राक्ष के पेड़ भी इस वाटिका में लगाए गए हैं। वाटिका की देखरेख की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की टीम को दी गई है। दारोगा बीसी पाठक इससे पहले यहां आलू का उत्पादन भी कर चुके हैं। बीसी पाठक आपदा के बाद से ही केदारनाथ चौकी के इंचार्ज हैं। वो यात्रियों की भी पूरे दिल से सेवा करते हैं। आपदा के बाद जब यात्रियों के लिए खाने और ठहरने की व्यवस्था नहीं थी, तो पाठक ने ही पुलिस की ओर से रुद्रा प्वाइंट में तमाम व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई। बाबा केदारनाथ के प्रति उनकी भक्ति भी देखते ही बनती है। आठ फीट बर्फ में भी वो पूरे साल केदारनाथ में रहकर अपना कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को राज्य समीक्षा का सलाम