Video: देवभूमि में पहाड़ियों का खून खौल उठा, जब एक गरीब के आगे गुंडा बनी पुलिस !
Oct 4 2017 12:28PM, Writer:कपिल
पहाड़ों में पुलिस की दादागीरी ऐसी बढ़ गई है कि लोग परेशान हैं। खाकी वर्दी पहनकर ये जिस तरीके से अपना रौब झाड़ रहे हैं, वो शर्मनाक है। अब आप नई टिहरी की ही बात कर लीजिए। थाना प्रभारी प्रभारी सुन्दरम शर्मा ने पहले बौराडी साईं चौक के पास मोमो की दुकान में मोमो खाए। इसके बाद दुकानदार ने जब पैसे मांगे तो थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा ने दुकानदार से गाली गलौच कर डाली। आरोप ये भी है कि दुकानदार को धमकाया गया कि उफसकी दुकान बंद करवा दी जाएगी। एस सवाल इन खाकी वर्दी वालों से ये है कि बड़े बड़े अपराधी तो आपसे पकड़े नहीं जाते और अब मासूम पहाड़ियों पर इस तरह से कहर बरपा रहे हैं ? ये कहां का न्याय है ? आरोप है कि थाना प्रभारी ने दुकानदार को थाने में बन्द करने की धमकी दी।
इसके बाद पास के ही दुकानदारो ओर कुछ लोगो ने इसका विरोध भी किया। लकिन खाकी का रौब ऐसा चढ़ा कि सभी को मौके पर हड़का दिया, कि सभी की दुकान बंद कर दी जाएंगी। बात ये है कि 20 रपये के मोमो के लिए पुलिस अपना ईमान बचने चली है ? मामला बढ़ गया, इस बार तो दुकानदारों ने ठान ली कि इस खाकी वर्दी वाले का रौब सड़क पर ही उतारना है। उसके बाद सीओ रौथाण ने रात को मौके पर जाकर दुकानदारो को समझाया । रौथाण ने कहा कि थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा को हटाने के लिये कल सभी दुकानदारो की एसएसपी टिहरी से बात करवाई जायेगी। इस बात पर दुकानदार शांत हो गए। इसके बाद सुबह जब दुकानदार तैयार हुए तो थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा को हटवाने के लिये कोई बात नही हुई। सुबह सभी दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकाने बन्द कर दी।
इसके बाद बौराडी साई चौक में दुकानदार भगत सिह चौहान के पत्नी समेत सडक जाम कर दी। और दुकानदारो ने कहा कि जब तक नई टिहरी थाना प्रभारी सुन्दरम शर्मा को टिहरी से नही हटाया जाएगा, तब तक सडक बन्द ही रहेगी। आपको बता दे कि सुन्दरम शर्मा के द्धारा इससे पहले भी उप्पु गाव की महिलाओ ओर पुरूषो के साथ हथापाई के आरोप लग चुके हैं। यानी साफ नजर आ रहा है कि सुन्दरम शर्मा का काम नई टिहरी में शआंति व्यवस्था बनाए रखना नहीं बल्कि लोगों को अपना खौफ दिखाना है। खबर तो यहां तक है कि एक नता की शह पर सुंदरम इस तरह की दादागीरी दिखा रहे हैं। नई टिहरी शहर में पूरी तरह से अराजकता का माहौल बना हुआ है। हर दिन नई टिहरी में कोई ना कोई घटना हो रही है लेकिन उन पर अकुश नहीं लग रहा बल्कि खाकी ही दादागीरी दिखा रही है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर ऐसे पुलिसवाले पर कार्रवाई कब होगी ?