बदरीनाथ: यूपी के 'जज साहब' निकले फर्जी! पांडुकेश्वर चेकिंग बैरियर पर चमोली पुलिस ने उतार दिया रौब
बदरीनाथ रोड पर पाण्डुकेश्वर चेकिंग बैरियर पर 'JUDGE' स्टिकर लगी कार को चमोली पुलिस ने रोका। जांच में चालक के जज न होने का खुलासा हुआ। पुलिस ने फर्जी स्टिकर हटवाकर चालान किया और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी।
Jun 19 2026 6:49PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
बदरीनाथ हाईवे पर पाण्डुकेश्वर चेकिंग बैरियर पर 'JUDGE' स्टिकर लगी एक कार गलत दिशा से आगे निकलने की कोशिश कर रही थी। पुलिस ने रोककर जांच की तो पता चला कि चालक न तो न्यायिक अधिकारी था और न ही किसी सरकारी ड्यूटी पर। पुलिस ने मौके पर स्टिकर हटवाकर चालान किया और भविष्य में नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
Fake JUDGE Sticker on Car caught by police in Pandukeshwar Badrinath
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाण्डुकेश्वर चेकिंग बैरियर के पास उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई, जब 'JUDGE' लिखा स्टिकर लगी एक कार लंबी वाहनों की कतार छोड़कर गलत दिशा से आगे निकलने की कोशिश करती मिली। कार को देखकर पहले पुलिस को लगा कि शायद कोई न्यायिक अधिकारी या वीआईपी ड्यूटी पर जा रहा है, लेकिन जांच में मामला कुछ और ही निकला।
पूछताछ में खुली 'जज साहब' की सच्चाई
चमोली पुलिस ने जब वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की तो पता चला कि वह न तो किसी न्यायिक सेवा से जुड़ा है और न ही किसी आधिकारिक ड्यूटी पर था। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि वाहन पर 'JUDGE' का स्टिकर केवल टोल टैक्स से बचने और लोगों पर रौब जमाने के उद्देश्य से लगाया गया था। आगे देखिये विडियो...
मौके पर उतरवाया गया स्टिकर
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन से फर्जी 'JUDGE' स्टिकर हटवा दिया। इसके बाद यातायात नियमों के उल्लंघन और भ्रामक पहचान प्रदर्शित करने के मामले में चालक का चालान किया गया। साथ ही उसे भविष्य में इस प्रकार के किसी भी भ्रामक या अनधिकृत स्टिकर का उपयोग न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई।
गलत दिशा से आगे निकलने की भी थी कोशिश
पुलिस के अनुसार वाहन चालक लंबी कतार में खड़े अन्य वाहनों को छोड़कर गलत दिशा से आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा था। इससे न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन हुआ बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती थी।
चमोली पुलिस की अपील
चमोली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सरकारी पद, न्यायिक पद अथवा वीआईपी पहचान का दुरुपयोग न करें। बिना अधिकृत अनुमति के ऐसे स्टिकर या प्रतीकों का इस्तेमाल करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस ने यह भी कहा कि सभी नागरिकों के लिए यातायात नियम समान हैं और किसी भी प्रकार के विशेषाधिकार का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।