डीएम मंगेश घिल्डियाल ने वो कर दिखाया, जो देश में आज तक नहीं हो पाया !
Oct 9 2017 1:26PM, Writer:मीत
रुद्रप्रयाग के डीएम मंगेश घिल्डियाल ने स्कूल जान वाले बच्चों के लिए एक बड़ी पहल की है। भल ही आपको ये सुनने में अविश्वसनीय लगे, लेकिन डीएम मंगेश घिल्डियाल के पास जिले के 673 स्कूलों के हर कक्षा के छात्रों की हर दिन की प्रोग्रेस रिपोर्ट मौजूद रहती है। छात्रों को कौन सा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है, ये डाटा भी डीएम के पास मौजूद रहता है। इसके साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय और सैनिक स्कूलों के लिए बच्चों को लगातार तैयार किया जा रहा है। ये तैयारियां कैसी चल रही हैं, इसकूी अपडेट भी डीएम के पास रहती है। वो रोजाना शाम को इसकी समीक्षा करते हैं। इसके साथ ही बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने का भी प्लान है। एक तरफ प्रदेश में सरकारी शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है, ऐसे में डीएम इस स्तर को सुधारन के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
काफी हद तक उन्होंने इस मामले में कामयाबी भी हासिल की है। वो जिले के हर स्कूल पर हर दिन नजर रखते हैं। इसके लिए डीएम ने बकायदा एक ऐप्लीकेशन डेवलप की है। इस ऐस में जिले के 550 प्राथमिक विद्यालय और 123 उच्च प्राथमिक शामिल हैं। इस ऐप के जरिए जिले क स्कूलों की प्रोग्रेस रिपोर्ट चेक की जाती है। इसके लिए हर शिक्षक अपने विद्यालय का रिपोर्ट कार्ड अवकाश होने के बाद अपने स्मार्टफोन पर अपलोड करता है। किस कक्षा के छात्र को कौन सा पाठ पढ़ाया गया और कितने छात्रों ने इसे याद किया है ? य सारी जानकारी मोबाइल पर अपलोड की जाती है। शाम को डीएम छात्रों की रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा करते हैं। इस रिपोर्ट में जिन विद्यालयों का ग्राफ न्यूनतम होता है, उस स्कूल का औचक नीरीक्षण किया जाता है।
हर महीने विद्यालयों की रिपोर्ट को लेकर एक बैठक की जाती है। इस बैठक मं जिले के शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ की जाती है। इसके अलावा होनहार छात्रों की लिस्ट भी तैयार की जाती है। जिनका हर दिन का रिपोर्ट कार्ड भी डीएम के पास होता है। इन छात्रों को शिक्षक ने क्या तैयारी शिक्षक ने कराई है, इसकी रिपोर्ट भी मोबाइल एप में अपलोड रहती है। इस तरह से इन छात्रों को जवाहर नवोदय, राजीव गांधी नवोदय और सैनिक स्कूल के लिए तैयार किया जा सकेगा। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल के मुताबिक बेहतर शिक्षा के लिए एक मोबाइल एप बनाया है। इस एप में छात्रों का हर दिन का डाटा रहता है। शिक्षकों ने बच्चों को क्या पढ़ाया, इसका रेकार्ड भी एप में अपलोड किया जाता है। बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।