Video: एक्शन में देेवभूमि का निडर डीएम, बच्चों की जान से खेलने वालों पर ऐसे की कार्रवाई
Oct 9 2017 6:06PM, Writer:मीत
मासूम स्कूली बच्चों को ऑटो भरकर उनकी जान से खिलवाड़ करने के मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। हर रोज टेम्पो चालक बच्चों को लादकर स्कूल ले जाने का काम कर रहे हैं। परिवहन विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता और इसका फायदा य ऑटो वाल जमकर उठाते हैं। हरिद्वार में भी ये काम धड़ल्ले से किया जा रहा था। लेकिन जिलाधिकारी दीपक रावत की नज़रों से कोई बच नहीं सका। सुबह के वक्त एक ऑटो 14 स्कूली बच्चों को भरकर ले जा रहा था। इस पर डीएम की नज़र पड़ी और उन्होंने तुरंत ऑटो को रुकवा दिया। पूछताछ में पता चला कि ऑटो ड्राइवर एक बच्चे के 700 रुपये लेता है। पैसे के लालच में छोटे से ऑटो में 14 बच्चों को किसी तरह ठूंसा हुआ था। इतना ही नहीं, 14 बच्चों के बोझ से ऐसे ऑटो चलने की हालत में भी नहीं रहते।
किसी भी वक्त ऑटो के पलटने का ख़तरा रहता है। ये देखकर डीएम दीपक रावत ने तुरंत एक्शन लेते हुए ऑटो को सीज़ करवा दिया है। एआरटीओ को ऐसे तमाम वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं, जो मासूम बच्चों को इस तरह ढो रहे हैंऔर उनकी जान से खिलवाड़ करते हैं। डीएम ने अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को सीज़ करने को कहा है। 41 साल के दीपक रावत मसूरी के रहने वाले हैं। दीपक रावत को फिलॉसफी में रूचि है। पुराने क्लासिक गीतों, गढ़वाली और कुमाउंनी गीतों के शौकीन दीपक रावत पहले हल्द्वानी में बतौर एसडीएम तैनात थे। उसके बाद वो बागेश्वर में डीएम बने। कुमाऊं मंडल विकास निगम के भी एमडी भी रहे। इन सबके बीच जब उनकी पोस्टिंग नैनीताल में हुई थी, तो उस वक्त उनके कामों को देखकर उन्हें शेरदिल, सिंघम जैसे नाम दिए जाने लगे।
आज दीपक रावत हरिद्वार में तैनात हैं। हरिद्वार में बेईमानों के लिए आफत बने इस डीएम ने कार्यप्रणाली में सुधार की ओर बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, सरकारी ऑफिस कहीं भी बेधड़क जाना, बिना डरे कार्रवाई करना, गलत को गलत की तरह और सही को सही की तरह लेने वाले दीपक रावत का अंदाज हरिद्वार क लोगों को काफी पसंद आ रहा है। एक आंकड़ा कहता है कि बीच में गूगल पर देश के सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले जिलाधिकारी दीपक रावत ही थे। अब हरिद्वार में लिए एक्शन का ये वीडियो देखिए।