देवभूमि के ‘सिंघम’ की बड़ी कार्रवाई, वॉट्सऐप पर ही मैसेज देखकर लिया एक्शन !
Oct 11 2017 9:17PM, Writer:कपिल
हरिद्वार के जिलाधिकारी दीपक रावत लगातार चर्चाओं में बने रहते हैं। ये चर्चाएं उनके बेहतरीन कामों को लेकर ही हो रही हैं। हाल ही में उन्होंने एक शानदार काम किया है। दरअसल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग की कक्षा 12वीं की फिज़िक्स की परीक्षा होनी थी। उससे पहले ही पेपर लीक हो गया। खबर है कि है कि कक्षा 12 की दूसरी शिफ्ट में फिजिक्स का पेपर होना था। परीक्षा से पहले ही पेपर डीएम दीपक रावत के पास पहुंच गया। जब जांच हुई तो पता चला कि परीक्षा में नकल का बड़ा खेल चल रहा था। जानकारी के मुताबिक कई छात्रों के पास सॉल्वड पेपर मिला है। खब है कि यहां शिक्षकों की मौजूदगी में नकल कराई जा रही थी। इसके अलावा खास बात ये है कि स्कूल को बंद कराकर ये नकल कराई जा रही थी। खबर है कि ये सूचना डीएम दीपक रावत को वाट्सएप के जरिए मिली।
तुरंत ही जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पता चला कि आदर्श शिशु निकेतन धीरवाली में शिक्षकों की मौजूदगी में नकल का खेल चल रहा है और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। कई छात्रों के पास हल किया हुआ पेपर मिला। इस मामले में अब कार्रवाई की जा रही है। आप समझ सकते हैं कि नकल की वजह से कितने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है। हाल ही में बिहार की एक टॉपर के बारे में आपने सुना होगा, जो टॉपर तो थी लेकिन अंदर ही अंदर नकल का ऐसा खेल चल रहा था कि उसका भविष्य बर्बाद हो गया। वो लड़की एक भी सवाल का सही जवाब नहीं दे पाई थी। तो सवाल ये है कि आखिर उत्तराखंड में ऐसा क्यों हो रहा है ? बच्चों के भविष्य से इस तरह का खिलवाड़ कतई अच्छा नहीं है। इस वजह से डीएम दीपक रावत की इस कार्रवाई की जमकर तारीफ हो रही है।
उत्तराखंड में इन दिनों दो जिलाधिकारी अपने एक्शन से नाकारों के लिए मुसीबत बने हैं। दोनों ही अपने वादे के पक्के और इरादों के मजबूत अधिकारी हैं। हम आपको मंगलेश घिल्डियाल के बारे में बता चुके हैं। लेकिन एक और पहाड़ी शेर है, जो हरिद्वार में भ्रष्टाचारियों के लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। दीपक रावत अपने एक्शन से समाज की ऐसे लोगों के लिए मुसीबत का दूसरा नाम बन चुके हैं, जो भ्रष्टाचार और बेपरवाही में लिप्त रहते हैं। इसका सबूत हम आपको ये वीडियो भी दिखा रहे हैं।