पौड़ी में बाल साहित्य मेला : बच्चों की प्रतिभा को निखारने का सुन्दर प्रयास
Oct 17 2017 1:45PM, Writer:आशीष किमोठी
विकास खण्ड पौड़ी के संकुल संसाधन केन्द्र ढान्डरी की सी0आर0पी0 अनीता ध्यानी ने संकुल स्तर पर एक बाल साहित्य मेले का आयोजन करवाया गया | जिसे उच्च प्राथमिक विद्यालय मरगदना में आयोजित किया गया | जिसमें संकुल के 18 विद्यालयों के छात्र-छात्राओ ने प्रतिभाग किया | जिसमें कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओ ने अपनी स्वरचित रचनाओं ( कहानी, कविता, लेख, संस्मरण और निबंध आदि) के साथ प्रतिभाग किया | इस बाल साहित्य मेले में छात्र-छात्राओ ने अपने मन के विचारों को बहुत ही सुन्दर ढन्ग से प्रस्तुत किया गया | इस मेले की आयोजनकर्ता अनीता ध्यानी ने बताया कि इस बाल साहित्य मेले को सफ़ल बनाने में अजीम प्रेमजी फ़ाउन्डेशन के गणेश बलूनी ने अपना विशेष सहयोग प्रदान किया गया | इसमें संकुल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओ और बच्चों ने पूरी मेहनत से काम किया और बाल साहित्य मेले को सफ़ल बनाने में अपना योगदान दिया |
बाल साहित्य मेले में आये विज्ञान साहित्यकार देवेन मेवाडी व प्रवक्ता डायट जगमोहन सिंह कठैत ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई तरह के मेले देखे मगर इस तरह का मेला पहली बार देखा इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह के मेलो के आयोजन से बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है और बच्चों के अंदर की प्रतिभा निकलकर आती है | इस तरह के आयोजन समय - समय पर होते रहने चाहिए इससे बच्चों का मन पढ़ने-लिखने में लगा रहता है |
बाल साहित्य मेले में बच्चों के द्वारा बाघ के साथ मुलाकात की कहानी, पिता की डान्ट, मेरि बिरलि ( गढवाली कविता), शिक्षक के साथ की गई यात्रा आदि बहुत सारी रचनाएं प्रस्तुत की गई | सभी बच्चों ने अपने विचारों को कविताओ और रचनाओ के माध्यम से व्यक्त किया | मेले के आयोजन से सभी बच्चे बड़े ही खुश नजर आ रहे थे आते भी क्यों नहीं "उन्होंने लगाई थी अपने विचारों की दुकान, एक ऐसी दुकान जिसमें बच्चों ने अपने छोटे से जीवन में बड़े विचारों और अनुभवों की दुकान" जिसे देखकर सभी शिक्षक-शिक्षिकाओ और अभिभावको का मन मोह लिया |इस बाल साहित्य मेले का आयोजन करवाने वाली शिक्षिका सी0आर0पी0आनीता ध्यानी ने बताया कि उन्हें इस तरह के मेले का आयोजन करने का विचार उन्हें 24 से 26 जून 2017 नैनीताल में एक कार्यशाला " पढ़ने- लिखने की संस्कृतिकी ओर" में प्रतिभाग के दौरान आया जिसमें बच्चों के बाल साहित्य कैसा हो के बारे में चर्चा की गई | जिससे बच्चों के अंदर छुपी प्रतिभा को बहार निकाल सके इसलिए इस बाल साहित्य मेले का आयोजन किया गया जोकि पूरे विकास खण्ड में पहली बार आयोजित किया गया | बाल साहित्य मेले विज्ञान साहित्यकार देवेन मेवाडी, जगमोहन सिंह कठैत ( प्रवक्ता डायट ), विजेन्द्र कुमार ( बी0आर0सी0 पौड़ी), अजीम प्रेमजी फ़ाउन्डेशन के गणेश बलूनी, दीनानाथ मौर्य, संकुल की समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओ और अभिभावक मौजूद रहे