उत्तराखंड की उम्मीदों को लगा झटका, रणजी मैच छिना, आईपीएल होना भी मुश्किल !
Oct 23 2017 9:01AM, Writer:कपिल
उत्तराखंड की उम्मीदों को एक तरह से बहुत बड़ा झटका लगा है। सवाल ये भी है कि उत्तराखंड में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के लिए इतनी परेशानियां क्यों आ रही हैं। आपको हमने कुछ वक्त पहले बताया था कि उ्तराखंड में रणजी मैच होने जा रहा है। देहरादून के राजीव गांधी स्टेडियम में ये मुकाबला होना था। कहा जा रहा था कि आईपीएल मुकाबले भी जल्द ही देखने को मिल सकते हैं, लेकिन वक्त कुछ और ही तस्वीर सामने लाया हैष। उत्तराखंड के हाथों से रणजी मैच तो फिसल ही गया लेकिन इसके साथ ही आईपीएल मैचों पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। कहा जा रहा था कि अगर यहां रणजी मैच का सफल तरीके से आयोजन होता तो आने वाले वक्त में आईपीएल की भी काफी संभावनाएं रहती।
दरअसल, उत्तराखंड ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से बातचीत की थी और काफी मशक्कत के बाद उन्हें उत्तराखंड में रणजी मैच कराने के लिए राजी किया था। लग रहा था कि उत्तराखंड में क्रिकेट की उम्मीदों को नए पंख लगेंगे। दूसरी तरफ उत्तराखंड के खेल मंत्री ने बीसीसीआइ से बातचीत की थी। इसके बाद लग रहा था कि सब कुछ फाइनल हो गया है और अब सिर्फ रणजी मैच का इंतजार है। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगे आकर राज्य से मान्यता प्राप्त चारों क्रिकेट एसोसिएशन को बुलाया। इन सभी को समझा-बुझाकर एक करने की कोशिश की गई। ये ही नहीं, तीन एसोसिएशन एक होने को राजी भी हो गए थे। सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था कि और मुख्यमंत्री ने रणजी मुकाबले के सफल आयोजन के लिए एक कॉर्डिनेशन कमेटी भी गठित कर दी थी।
लेकिन इसे राज्य का दुर्भाग्य ही कह सकते हैं कि राज्य के हाथ से एक सुनहरा मौका निकल गया। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव का कहना है कि ये बेहद ही दुख का विषय है। अब कोशिश की जा रही है कि मुख्यमंत्री के साथ उस एसोसिएशन की बैठक बुलाई जाएगी, जिसने अपने हाथ पीछे खींच लिए थे। सबसे खास बात ये है कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को इस वक्त बीसीसीआई से मान्यता की दरकार है। जल्द से जल्द ऐसा होना चाहिए, जिससे उत्तराखंड भी अपने फैसले ले सके। खैर इतना जरूर है कि उत्तराखंड की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। खास बात ये है कि रणजी के बाद आईपीएल के मैचों की भी मेजबानी उत्तराखंड के हाथों से छिन सकती है। देखना है कि आगे इस मामले में और क्या क्या होता है।