योगी आदित्यनाथ को याद आया अपना पहाड़, पिता से मुलाकात कर आंखें भर आई !
Oct 25 2017 12:21PM, Writer:कपिल
कहते हैं पहाड़ के लोग चाहे कहीं भई रहें लेकिन गाहे बगाहे उन्हें अपना पहाड़ जरूर याद आता है। पहाड़ के लि एगर्व की बात है कि इस वक्त देश के बड़े बड़े पदों पर पहाड़ी विराजमान हैं। इनमें से एक पद है देश के सबसे बड़े राजनीतिक प्रदेश कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ यानी अजय सिंह बिष्ट। जाहिर है कि उन्हें भी कई बार अपने रिवार और अपने पहाड़ की याद आती होगी। ऐसे में योगी को एक कार्यक्रम के लिए कोटद्वार के पास नजीबाबाद आना था। बस फिर क्या था, योगी चल पड़े इस कार्यक्रम में। खास बात ये रही है कि इस कार्क्रम के दौरान ही उन्होंने अपने पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट को भी बुला लिया। करीब दस मिनट की मुलाकात में योगी ने पिता के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पिता से और भी जानकारियां ली।
योगी ने अपने गांव के बारे में पूछा, अपने परिजनों की कुशल क्षेम पूछी। पिता और बेटे की पिछले 6 महीने में ये दूसरी मुलाकात है। दरअसल कोटद्वार से 25 किलोमीटर दूर नजीबाबाद की चीनी सहकारी मिल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। इस मौके पर आयोजकों ने योगी के पिता आनंद सिंह बिष्ट को भी बुलाया था। आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ यानी अजय सिंह बिष्ट पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाक के ग्राम बिथ्याणी के रहने वाले हैं। अस्सी साल के आनंद सिंह बिष्ट अपने पोते और मित्र के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। आयोजकों ने उन्हें अतिथि कक्ष में बिठाया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद योगी भी उस कक्ष में पहुंचे।
पुत्र को देखते ही पिता भावुक हो गए। योगी ने भी अपने पिता के इस भाव को समझा। उन्होंने पिता का हालचाल पूछा और इसके बाद उन्हें शॉल ओढ़ाया। कुछ देर उन्होंने भतीजे अविनाश से भी बातचीत की। इसके बाद उन्होंने अपने पिता लखनऊ आमंत्रित किया। नजीबाबाद से लौटे आनंद सिंह बिष्ट ने कहा कि एक पिता के लिए इससे ज्यादा गर्व की बात क्या हो सकती है कि उनका बेटा सीएम है। उन्होंने कहा कि 'पिता होने के नाते मैं सिर्फ आशीर्वाद दे सकता हूं। इतना जरूर है कि योगी आदित्यनाथ भले ही पहाड़ों से दूर रह रहे हों लेकिन वो पहाड़ों के साथ साथ देश का नाम रोशन कर रहे हैं। ऐसा नहीं है कि उन्हें अपने घर और गांव की याद नहीं सताती। उनका कहना है कि जल्द ही वो वक्त निकालकर अपने गांव जाएंगे।