हर उत्तराखंडी से एक अपील, जंजीरों में बंधे इस पहाड़ी लड़के के लिए दुआ करें
Oct 27 2017 5:15PM, Writer:मीत
कहा जाता है कि उत्तराखंडियों की दुआओं में बड़ी ताकत है। हर बार उत्तराखंडियों ने साबित किया है कि अगर किसी के लिए एकजुट हो जाएं तो दुनिया की कोई ताकत उस इरादे का डिगा नहीं सकती। आज राज्य समीक्षा की टीम आपसे अपील करती है कि एक बार इस बच्चे के लिए भी दुआ करें। हो सकता है कि आपकी दुआओं से ये बच्चा नई जिंदगी की शुरुआत कर सके। कहानी दिल को झकझोर देती है। रुद्रप्रयाग के सौंदा गांव का ये लड़का पिछले 22 सालों से जंजीरों में बंधा है। ऐसा नहीं है कि जानबूझकर इसे जंजीरों में कैद किया गया है। घर और परिवार इतना गरीब है कि इस बच्चे का इलाज नहीं कर सकता। मजबूरी और बेबसी ने हालात यहां तक ला दिए कि युवक की मां ने ही अपने जिगर के टुकड़े को जंजीरों से बांध दिया। इसलिए हमारी हर उत्तराखंडी से अपील है कि पैसे आप भले ही ना दें, लेकिन एक बार इस बच्चे के लिए दुआ करें।
सौंदा गांव की रहने वाली सरोज देवी का सबसे बड़ा बेटा है पंकज सिंह। पंकज बचपन से ही दिव्यांग है, वो चल नहीं सकता बल्कि हाथ से घिसट घिसट कर आगे बढ़ता है। पंकज मानसिक रूप से भी विक्षिप्त है। पैदा होने के बाद से ही वो जानवरों से बदतर जिंदगी जी रहा है। गरीबी का दंश ऐसा लगा कि मां अपने बेटे का इलाज नहीं करा पाई। पंकज के पिता इस दुनिया में नहीं हैं। ऐसे में एक मां किस तरह से परिवार चला रही होगा, ये भगवान ही जानता है। रुद्रप्रयाग की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सरोज नैथानी ने जब पंकज की ये हालत देखी तो, उनसे रहा नहीं गया। आंखों में आंसुओं का सैलाब बह गया। इसके तुरंत बाद डॉक्टर सरोज नैथानी ने पंकज को गोद लेने का फैसला किया। ये डॉक्टर सरोज नैथानी का ही बड़प्पन है कि हर महीने अपनी तनख्वाह से दो हजार रुपये उस गरीब परिवार को दे रही हैं। पंकज की मदद करने के लिए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने भी बड़ा कदम उठाया है।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि एक एनजीओ की मदद से पंकज का इलाज कराने की कोशिश की जा रही है। मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि घर के पास ही बाउण्ड्री वाॅल बनाई जायेगी, जिससे बच्चा कहीं गिरे ना। उत्तराखंड के लोगों के लिए कहा जाता है कि हर बार उनकी दुआओं का बड़ा असर होता है। आज थोड़ी सी दुआ पंकज के लिए भी कीजिए। खबर को शेयर कीजिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी जानकारी पहुंच सके और हर उत्तराखंडी एकजुट होकर पंकज के लिए दुआ कर सके। आज एक बार फिर से वक्त आ गया है कि एक लड़के की जिंदगी को बचाया जाए। इस नेक काम में देरी ना करें। कहीं ना कहीं दूसरों को दी गई दुआओं का असर आपकी जिंदगी पर भी होता है। आगे हम आपको पंकज के परिवार से जुड़ी कुछ बैंकिंग डीटेल्स लेकर आएंगे। तह तक इस पहाड़ी लड़के को आपकी दुआओं की जरूरत है।