उत्तराखंड के एक गांव का लड़का, 13 साल की उम्र में ही बनाया विश्व रिकॉर्ड
Oct 27 2017 7:51PM, Writer:कपिल
कहते हैं कि छोटी उम्र भी कभी कभी बड़े बड़े महारथियों पर हावी हो जाती है। खासतौर पर पहाड़ के बच्चों पर तो ये कहावत एकदम सटीक बैठती है। ऐसा ही एक पहाड़ी बच्चा है चेतन बृजवाल। चेतन बृजवाल की उम्र महज 13 साल है। जिस उम्र में बच्चों का दिमाग खिलौनों से नहीं हटता, उस उम्र में चेतन ने दांतों तले उंगली दबा देने वाला कारनामा कर दिखाया है। ग्यारह दिनों तक ये बच्चा नंदा देवी बेस कैंप में रहा और वहां अपनी ट्रेनिंग को शानदार अंदाज में अंजाम देकर वापस लौट आया। 13 साल की उम्र में ऐसा करने वाला चेतन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड तैयार कर दिया। 154 किलोमीटर लंबा ट्रैक इन्होंने 11 दिनों में पूरा कर दिया। चेतन मुनस्यारी के विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र हैं। सिर्फ 13 साल की उम्र में इस पहाड़ से हौसले वाले बच्चे ने मिलम कैंप और नंदा देवी बेस कैंप की 154 किमी ट्रैकिंग पूरी कर दी।
खास बात ये है कि वो भी सिर्फ 11 दिन में उन्होंने इसे पूरा कर दिखाया। सबसे कम उम्र में इस ट्रैक को पार करने का चेतन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले ब्रिटेन के 8 सदस्यीय दल के साथ चेतन शामिल हुआ थे। ब्रिटेन के एक्सोडस कंपनी का ट्रैकिंग दल 15 अक्टूबर को नंदा देवी बेस कैंप पर गया था। अब ये दल वापस लौट आया है। इस ट्रैकिंग टीम के साथ चेतन बृजवाल को बतौर अंग्रेजी ट्रांसलेटर के तौर पर शामिल किया गया था। चेतन ने विदेशियों का दिल तो जीता ही, इसके साथ ही रिकॉर्ड भी तैयार कर दिया। ब्रिटेन से आई ये टीम चेतन की तारीफों के पुल बांध रही है। वापस लौटने पर चेतन के स्कूल विद्यामंदिर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने चेतन बृजवाल उनके पिता बीरू बुग्याल और मां नीतू बृजवाल को सम्मानित किया। सभी ने जमकर इस परिवार की तारीफ की।
चेतन का कहना है कि वो रिवर राफ्टिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और क्याकिंग की ट्रेनिंग भी ले चुके हैं। राम गंगा नदी पर वो इसकी ट्रेनिंग ले चुके हैं। चेतन का अगला लक्ष्य विश्व का बड़ा पर्वतारोही बनना है। अब आपको ये भी बताते हैं कि इससे पहले ये रिकॉर्ड किसके नाम था। चेतन से पहले ये रिकॉर्ड पश्चिम बंगाल के तरुण भट्टाचार्य के नाम था। 2014 में 14 साल की उम्र में तरुण भट्टाचार्य ने नंदादेवी बेस कैंप को पार किया था। लेकिन चेतन तो तरुण से भी आगे निकले। आपको जानकर हैरानी होगी कि नंदा देवी बेस कैंप की ऊंचाई 4100 मीटर है। छोटी सी उम्र में ही चेतन ने जो कारनामा कर दिखाया है, वो सच में उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। पहाड़ के इस लाल से आगे भी कई उम्मीदें जुड़ी हैं। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से चेतन को हार्दिक बधाई। आगे भी ऐसे काम कर उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करें।