उत्तराखंड: डार्क वेब के जरिए बच्चों का शोषण, किशोर के डिवाइस से मिले 100 से ज्यादा अश्लील वीडियो
उत्तराखंड STF ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री के मामले में नैनीताल के एक किशोर को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल और लैपटॉप से 100 से अधिक वीडियो मिले हैं और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की जांच की जा रही है।
Oct 29 2026 6:26PM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अश्लील सामग्री के ऑनलाइन प्रसार के मामले में एक किशोर को पकड़ा है। एसटीएफ के मुताबिक, हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान नैनीताल निवासी किशोर की संलिप्तता सामने आई। उसके मोबाइल और लैपटॉप से 100 से ज्यादा वीडियो मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस का दावा है कि बरामद सामग्री में कुछ वीडियो में एआई की मदद से बदलाव किए गए थे। मामले की जांच जारी है और अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
Uttarakhand STF Busts Dark Web Child Exploitation Case
आईजी एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बृहस्पतिवार को एसटीएफ मुख्यालय में कार्रवाई की जानकारी दी। उनके अनुसार, हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर की विवेचना के दौरान नैनीताल के एक किशोर की भूमिका सामने आई। जांच के बाद उसे बुधवार को पकड़ा गया।
एसटीएफ के मुताबिक, किशोर के मोबाइल और लैपटॉप से 100 से अधिक वीडियो बरामद किए गए। कुछ डिलीट की गई फाइलों को भी रिकवर किया गया, जिनके बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री होने की बात कही गई है।
प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस का आरोप है कि किशोर डार्क वेब पर आने वाली मांग के अनुसार वीडियो तैयार कर अपलोड करता था और इसके बदले उसे पैसे मिलते थे। जांच एजेंसी इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
अन्य स्थानीय लोगों की भूमिका की भी जांच
आईजी एसटीएफ के अनुसार, मामले में कुछ अन्य स्थानीय लोगों के शामिल होने की आशंका है। इसी वजह से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। चूंकि मामला एक किशोर से जुड़ा है, इसलिए उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले में सामने आए आरोपों और बरामद सामग्री की जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बच्चों से जुड़ी ऑनलाइन अश्लील सामग्री पर एसटीएफ की कार्रवाई
आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि चालू वर्ष में टिपलाइन से प्राप्त शिकायतों के आधार पर बच्चों की अश्लील तस्वीरों और वीडियो से संबंधित 150 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें पांच एफआईआर हल्द्वानी में दर्ज होने की जानकारी दी गई। एसटीएफ और साइबर पुलिस इन मामलों की जांच कर रही हैं। एजेंसी के अनुसार, शिकायतों की पड़ताल के दौरान सामने आए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच जारी है। मामले में किशोर की कानूनी स्थिति, डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के आगे बढ़ने पर होगी।