उत्तराखंड: यहां 82 परिवारों के मकानों पर चला बुलडोजर, रोते-बिलखते दिखे लोग; भारी पुलिस बल तैनात
रामनगर के तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान के फेज-2 के तहत करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई है। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात है
Oct 31 2026 11:41AM, Writer:राज्य समीक्षा डेस्क
उत्तराखंड के रामनगर में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अपर कोसी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। इस अभियान के तहत करीब 80 से 82 परिवारों के कच्चे और पक्के मकानों को हटाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए भारी पुलिस बल, फायर टीम और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया है।
Bulldozer Action in Ramnagar: 82 Families Affected
रामनगर के अपर कोसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान के फेज-2 के तहत प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। सुबह करीब 6:30 बजे भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर मकानों को हटाने पहुंचा। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही देर रात कई परिवारों ने खुद अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। लोग घरों से ईंटें, दरवाजे और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाते दिखाई दिए। वहीं, सुबह प्रशासन ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
80 से 82 परिवारों के मकानों पर कार्रवाई
अपर कोसी क्षेत्र में फेज-2 के तहत 90 से अधिक परिवारों को अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी थी। हालांकि, इनमें से करीब 9 से 10 परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे में फिलहाल इन परिवारों को कार्रवाई से अलग रखा गया है। इसके बाद शेष करीब 80 से 82 परिवारों के मकानों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले वर्ष 2025 में इसी क्षेत्र में फेज-1 के तहत करीब 51 परिवारों को हटाया गया था। अब दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू होने से क्षेत्र में एक बार फिर हलचल मची हुई है।
आशियाना उजड़ने के डर से रोते-बिलखते दिखे परिवार
प्रशासन की कार्रवाई से पहले ही प्रभावित परिवारों में डर और मायूसी का माहौल देखने को मिला। देर शाम से ही कई महिलाएं और पुरुष अपने घर उजड़ने की आशंका में रोते-बिलखते नजर आए। प्रभावित परिवारों का कहना था कि ठंड के मौसम में वे अपने बच्चों और परिवार को लेकर आखिर कहां जाएंगे। कई परिवारों के लिए अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
4 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में बांटा गया क्षेत्र
वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं। वन विभाग और पुलिस प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा का विशेष प्लान तैयार किया। इसके तहत पूरे प्रभावित क्षेत्र को 4 सुपर जोन, 7 जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो। मौके पर पुलिस बल के साथ फायर टीम और प्रशासनिक अधिकारी भी तैनात हैं।
रामनगर में जारी है अतिक्रमण हटाओ अभियान
फिलहाल अपर कोसी क्षेत्र में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई जारी है। फेज-2 के इस अभियान में करीब 80 से 82 परिवार प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, जिन परिवारों के मामले उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से अलग रखा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बीच प्रभावित परिवारों के सामने अपने रहने और पुनर्वास को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।