भुवन चंद्र खंडूरी का ऐलान ‘नहीं लड़ूंगा चुनाव’, जानिए अब कौन बनेगा उत्तराधिकारी
Nov 1 2017 2:14PM, Writer:मीत
गढ़वाल के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूरी अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। काफी वक्त से ये अटकलें लगाई जा रही थी कि क्या खंडूरी अगला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे ? आखिरकार इन अटकलों पर खुद बीसी खंडूरी ने ही विराम लगाया है। रुद्रप्रयाग में एक बैठक में शामिल होने पहुंचे खंडूरी ने पत्रकारों से बातचीत की और इस दौरान ही ये बड़ा ऐलान किया। पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ‘अगले लोकसभा चुनाव में मैं इस सीट से चुनाव नहीं लड़ूंगा। इस सीट से किसे चुनाव लड़ना चाहिए, इसका फैसला संसदीय बोर्ड करेगा। हालांकि बीसी खंडूरी ने ये भी कहा कि अगर उम्मीदवार को लेकर उनसे पूछा जाएगा तो वो अपनी राय जरूर देंगे। खंडूरी के इस ऐलान के बाद से गढ़वाल संसदीय सीट से टिकट चाहने वाले बीजेपी नेताओं के बीच जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा होना तय है।
अब सवाल ये है कि आखिर बीसी खंडूरी की जगह किसे इस सीट से लड़ने के लिए बीजेपी द्वारा टिकट दिया जाएगा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कर्नल अजय कोठियाल बीजेपी की तरफ से साल 2019 में पौड़ी लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार हो सकते हैं। उत्तराखंड की एक बड़ी वेबसाइट पर्वतजन ने भी इस खबर को प्रमुखता से जगह दी है। कर्नल कोठियाल निर्विवाद रूप से पहाड़ों की पहली पसंद बने हुए हैं। बीते दिनों ABVP के प्रांतीय सम्मेलन में कर्नल कोठियाल को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था। आपको बता दें कि ABVP भारतीय जनता पार्टी की ही अनुषांगिक संगठन भी है। ऐसे में संभावनाओं को और ज्यादा बल मिलता है कि कर्नल कोठियाल भगवा रंग में रंगने के लिए तैयार हैं। हाल ही में उन्होंने ऐलान किया था कि वो जनसेवा के लिए ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन नहीं लेंगे।
पौड़ी सीट को सैन्य बाहुल्य भी कहा जाता है। इस वजह से कर्नल कोठियाल को इसका फायदा भी मिल सकता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि कर्नल कोठियाल की छवि एक कर्मठ और साहसी समाजसेवक की है। ऐसे में कर्नल कोठियाल पर संगठन में कोई मतभेद भी नहीं हो सकता। खुद पीएम मोदी भी इस बात से अच्छी तरह से वाकिफ है कि 2019 में इस सीट से कर्नल जैसा ही कोई मजबूत उम्मीदवार उतारा जाना चाहिए। फिलहाल इस सीट से मेजर भुवन चंद्र खंडूरी सांसद हैं। भुवन चंद्र खंडूरी अब चुनाव लड़ने के लिए पहले ही अनिच्छा जाहिर कर चुके हैं। लेकिन इस बीच पेंच ये फंस सकता है कि भुवन चंद्र खंडूरी अपनी पुत्री रितु खंडूरी को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपने के भी इच्छुक हैं। बीजेपी के पास शायद कर्नल कोठियाल के अलावा कोई मजबूत चेहरा भी नजर नहीं आ रहा। इसलिए कर्नल कोठियाल के चेहरे के साथ बीजेपी इस सीट को भुनाने की कोशिश कर सकती है।