उत्तराखंड का ये हाल है जनाब, 24 करोड़ की लागत से बनी सड़क बीमार पड़ गई
Nov 6 2017 7:19PM, Writer:कपिल
सुविधाएं, या यूं कहें कि चुनावी वादे, या यूं भी कह सकते हैं कि आम लोगों को अपनी फांस में फंसाने का आसान तरीका। कभी कोई काम होता नहीं, अगर होना शुरू भी हो जाए, तो उस सड़क पर पहले भ्रष्टाचार का कंक्रीट पड़ता है, लूट खसोट का चारकोल पड़ता है, उम्मीदों और आशाओं की एक महीन सी लाइन, जो एक पल में खत्म हो जाती है। ऐसा ही कुछ हाल उत्तराखंड का है। हम बात कर रहे हैं टिहरी ज़िले की। जहां घनसाली-मूलगढ़ रोड़ के सुधार में लगे करीब 24 करोड़ की पोल सिर्फ 6 महीनों में ही खुल गई। इस मोटर मार्ग पर किया गया डामर अब कई जगहों से अब उखड़ने लगा है। इस वजह से मार्ग पर चलने वाली गाड़ियां हिचकोले खाकर सफर करने के लिए मजबूर हो गई हैं। दरअसल कई गावों को जोड़ने वाली क्षेत्र की सबसे बड़ी रोड़ घनसाली-अखोडी- मूलगढ़ की हालत बेहद खराब थी।
सरकार ने साल 2012-13 में 60 किमी लंबी सड़क के सुधार के लिए लगभग 24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की थी। 24 करोड़ रुपये की धनराशि कम नहीं होती। अगर तबीयत से काम किया जाए तो दुनिया के सामने एक मिसाल पेश हो सकती थी। इस सड़क का ज़िम्मा एडीबी विभाग को दिया गया था। जिसके द्वारा मोटर मार्ग पर नाली निर्माण, चौड़ीकरण, सुरक्षा दीवार के साथ-साथ हॉट मिक्स का काम होना था। एडीबी की ओर से मोटर मार्ग के निर्माण का कार्य ठेकेदारों को दिया गया। आज इस सड़क की हालत बताती है कि इसमें साफ तौर पर धोखाधड़ी की गई है। क्षेत्र के लोगों ने एडीबी के खिलाफ कई बार मोटर मार्ग पर चक्काजाम किया और आंदोलन भी किया। लेकिन जिसके कान पर जूं तक नहीं रेंगी, वो है प्रशासन। प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी इस संबध मे अवगत कराया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हो पाया।
कार्य की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने भी कई सर्वे किए। बावजूद इसके कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो पाई। जिससे क्षेत्र के लोगों में प्रशासन और एडीबी के खिलाफ भारी गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने मोटर मार्ग पर किए कार्य की गुणवत्ता ठीक नहीं रखी है। इस वजह से मोटर मार्ग पर डाला गया हॉट मिक्स डामर कई जगहों पर उखड़ना शुरू हो गया है। पुस्तों की घटिया क्वॉलिटी होने की वजह से इसमें दरारें आ रही हैं, कभी भी कोई बड़ा एक्सीडेंट हो सकता है। एडीबी का कहना है कि जहां-जहां डामर उखड़ा है वहां पर ठेकेदार ने बरसात के वक्त डामरीकरण किया था। एडीबी वहां पर दोबारा से डामरीकरण करेगा। लेकिन कब होगा, क्या होगा, कैसे होगा, किस तरह होगा, सारी बातें भविष्य के गर्त में छिपी हैं। देखना है आगे सड़क के सपने किस मोड़ पर जाकर ध्वस्त होते हैं।