उत्तराखंड के गांव की बच्ची तानिया बिष्ट, 16 साल की उम्र में तोड़ डाले सारे मिथक
Nov 7 2017 7:51PM, Writer:अमन
चमोली जिले का पैनी गांव। जहां करीब 700 की आबादी है। इस गांव में आजकल रामलीला का मंचन किया जा रहा है। गांव में पिछले 36 साल से रामलीला का मंचन हो रहा है। लेकिन इस बार कुछ खास बात है। ये पहली बार है कि कोई लड़की रामलीला में भरत का किरदार निभा रही है। इसके पीछे एक गजब कहानी भी है। तानिया बिष्ट इस रामलीला में भरत का किरदार निभा रही हैं, इसलिए नहीं कि उन्हें एक्टिंग का शौक है। ऐसा इसलिए क्योंकि तानिया कहती हैं कि वो भरत का अपना आदर्श मानती है। तानिया बताती हैं कि भरत को राम और राज्य में से किसी एक का चुनाव करना था। भरत ने राम को चुना था। तानिया कहती हैं भरत चाहते तो राज्य को आसानी से अपने पास ले सकते थे। लेकिन भरत ने आसान मार्ग नहीं अपनाया। इसीलिए तानिया कहती हैं कि उन्होंने भरत की भूमिका को चुना और भरत उनकी जिंदगी के आदर्श भी हैं।
दरअसल तानिया को पहले सीता का रोल दिया जा रहा था। खास बात ये है कि तानिया को इस रोल के लिए उनका पूरा परिवार सहयोग दे रहा है। पैनी गांव में घरेलू कामकाजों की वजह से महिलाएं सार्वजनिक कार्यों में भागीदारी नहीं ले पाती। लेकिन, तानिया ने परंपरा में चले आ रहे इस मिथक को तोड़ा और अपने परिवार के सामने भरत का रोल करने की इच्छा जाहिर की। परिवार वालों को तानिया की बातों पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब तानिया ने अपना मंतव्य परिवार के सामने रखा तो उन्होंने तानिया को अभिनय की अनुमति दे दी। गांव वाले भी उसके फैसले से काफी खुश हुए। तानिया के अभिनय की गाव वाले खुले दिल से तारीफ कर रहे हैं। तानिया बिष्ट सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। तानिया कहती हैं कि उनकी इच्छा थी कि रामलीला में उन्हें राम या फिर भरत के रोल करने का मौका मिले।
उनका कहना है कि भगवान राम और भरत उनके आदर्श हैं। वो कहती हैं कि भरती की भूमिका में उन्हें आत्मिक आनंद आ रहा है।' तानिया कहती है कि भरत जैसा भाई संसार में कोई दूसरा नहीं हुआ। तानिया को रामायण का बेहतरीन ज्ञान है। वो कहती हैं कि राम हनुमान से कहते हैं कि 'तुम मम प्रिय भरत सम भाई' यानी हनुमान उन्हें भरत जितने प्रिय हैं। तानिया जोशीमठ ब्लॉक की पहली लड़की है, जिन्हें रामलीला में अभिनय करने का मौका मिला। पूरे विकासखंड में आज तक किसी भी युवती ने ऐसा काम नहीं किया। पहाड़ के कई गांवों में इन दिनों रामलीला का मंचन किया जा रहा है। तानिया के फैसले की तारीफ करते हुए आज हर कोई कह रहा है कि पहाड़ की बेटियों ने हर मौके पर खुद को साबित किया है और उनमें से एक तानिया भी है।