image: Uddhav thackeray in uttarakhand

उत्तराखंड में उद्धव ठाकरे, गाव में रहे, पहाड़ी खाना खाया और बोले ‘धन्य हो गया’

Nov 8 2017 2:24PM, Writer:सुमित

उत्तराखंड की वादियां ही इतनी खूबसूरत है कि, जो यहां आता है वो खो जाता है। शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे यहां आए तो, यहीं के होकर रह गए। जी हां शायद आपको मालूम ना हो, लेकिन हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे उत्तराखंड आए। उद्धव ठाकरे अपने परिवार और संबंधियों के साथ देवभूमि में पहुंचे। यहां उन्होंने टिहरी के ससैजी गांव का भ्रमण किया और यहां कुछ वक्त गुजारा। इस दौरान उद्धव ठाकरे तब हैरान रह गए, जब उन्होंने पहाड़ी भोजन का लुत्फ उठाया। उनके मुताबिक पहाड़ के भोजन में अद्भुत शक्ति है और ये भोजन असीमित ऊर्जा से भरा है। सैजी गांव के प्रधान राजेश सजवाण का कहना है कि उद्धव ठाकरे और उनका परिवार सुबह साढ़े 11 बजे सैजी गांव पहुंचे। इस दौरान उद्धव उत्तराखंड में लकड़ी और पठालों से बने मकानों को देखकर भी आश्चर्यचकित हो गए।

इसके बाद गांव वालों ने उन्हें बताया कि किस तरह से ये घर मजबूती का दूसरा नाम कहे जाते हैं। इसके साथ ही उद्दधव पहाड़ की संस्कृति से भी रूबरू हुए। उद्दव के मुताबिक धरती में अगर कोई रहने लायक जगह बची है, तो वो सिर्फ उत्तराखंड ही है। उद्धव ने ने दिन का खाना स्थानीय निवासी खजान सिंह के घर पर खाया। खजान सिंह का घर लकड़ी और पठालों से बना है। खजान सिंह ने उद्धव को खाने में दही के असके पेश किए। खुद खजान सिंह ने बताया कि उनको यहां का भोजन बहुत पसंद आया। उन्होंने यहां के खाने और संस्कृति की जमकर तारीफ भी की। इसके साथ ही सैजी गांव के लोगों ने उद्धव का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों की वेशभूषा, बोली, भाषा और गांव के लोगों के व्यवहार ने उद्धव को निहाल कर दिया। उद्धव कहते हैं कि अगर आज के दौर में कहीं संस्कृति और सभ्यता बसी है तो वो सिर्फ और सिर्फ उत्तराखंड में ही है।

गांव पहुचने पर महिलाओं ने फूल मालाओं से उद्धव का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद वो अपने होटल में वापस आए। होटल के कमरे की बालकनी से उद्धव ठाकरे पहाड़ की सुन्दरता को निहारते रहे। दोस्तो ऐसा है हमारा उत्तराखंड, जहां देश विदेश से आने वाले लोग एक पल के लिए सम्मोहित हो जाते हैं। कोई कहता है कि उत्तराखंड के लोगों का दिल बड़ा है , तो कोई कहता है कि उत्तराखंड के लोगों में देवत्व का अंश मौजूद है। हाल ही में महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कहा कि उत्तराखंड अनादिकाल से ही ज्ञान और विज्ञान की भूमि रही है। यहां मौजूद पवित्र चार धाम और गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों की सदैव कृपा और आशीर्वाद हर उत्तराखंडवासी पर बना रहता है। खैर उद्धव ठाकरे इस बार उत्तराखंड से कई यादें लेकर जाएंगे। ुनमें पहाड़ के गाव में रहने की याद उन्हें बहुत आएगी।


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