Video: देवभूमि के इस आर्मी ऑफिसर की जितनी तारीफ करें कम है, नन्हीं सी जान को दी नई जिंदगी
Nov 9 2017 6:19PM, Writer:अमन
कर्नल अजय कोठियाल, देवभूमि के नायक, सीने पर 7 गोलियां झेलने वाला जांबाज आर्मी ऑफिसर, केदारनाथ के पुनर्निर्माण का सारथी और समाजसेवा के लिए अपना धन मन और धन देने वाले आर्मी ऑफिसर। कर्नल अजय कोठियाल आज देवभूमि के युवाओं के लिए आदर्श बन चुके हैं, इसमें कोई शक नहीं है। उन्होंने हर पल हर वक्त अपना जीवन पहाड़ के युवाओं को नई जिंदगी देने में ही बिता दिया। हैरानी तो तब होती है, जब खबर आई थी कि वो आर्मी में प्रमोशन ना लेकर उत्तराखंड में समाजसेवा का ही काम करेंगे। आज हम आपको कर्नल कोठियाल के एक और साहसिक काम के बारे में आपको बता रहे हैं, यकीन मानिए आपको खुशी होगी और आप इस जांबाज को बार बार सलाम करें। अंश, रुद्रप्रयाग जिले का गांव रानू का रहने वाला नन्हा सा मासूम है। बचपन से ही अंश के दिल में छेद था।
ये सुनकर अंश के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। परिवार वाले चाहते थे कि बचपन में ही अंश का इलाज हो जाए, जिससे बड़े होकर उसे और भी ज्यादा परेशानियां ना झेलनी पड़े | अंश छोटा था लेकिन परेशानियाँ और भी ज्यादा बड़ी थी। बच्चे का दर्द उसके माँ-बाप को चुभता था। मां की आंखों के आंसू और पिता की बेबसी किसी से छुपी नहीं थी। इस बीच इस परिवार के लिए देवदूत बनकर आए कर्नल अजय कोठियाल। परिवार वाले यूथ फाउंडेशन के कार्य से परिचित थे इसीलिए उन्होंने सीधा यूथ फाउंडेशन की टीम से सम्पर्क किया | यूथ फाउंडेशन द्वारा अंश को चिकित्सकों को दिखाया गया और स्थिति को समझा गया। स्थिति नाजुक थी इसिलए अंश को दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। कर्नल कोठियाल ने उसके पूरे इलाज का जिम्मा लिया। एम्स में अंश का सफलतापूर्वक इलाज हुआ।
अब अंश नई उमंगों के साथ जिंदगी की दौड़ जीतने के लिए पूरी तरह से तैयार है | अंश के माता पिता ने यूथ फाउंडेशन की टीम को शुक्रिया करते हुए कहा कि ‘यूथ फाउंडेशन ने जो अंश के इलाज का पूरा जिम्मा उठाया है, उसके लिए हम हमेशा आभारी रहेंगे। यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल के इस काम को बार बार सलाम करने का मन करता है।