उत्तराखंड के लिए एक्शन में पीएम मोदी, इस ऐलान से नेताओं में मची खलबली
Nov 10 2017 3:57PM, Writer:अमित
उत्तराखंड से पीएम मोदी का अटूट लगाव है, इस बात के बारे में हर कोई जानता है। अगर ऐसा ना होता तो पीएम मोदी केदार के कपाट बंद होने और खुलने के वक्त उत्तराखंड दौरे पर ना आते। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि मोदी साल 2019 के चुनावों का शंखनाद भी केदारघाटी से ही करने जा रहे हैं। इसके लिए मोदी एभी से ही एक्शन में दिख रहे हैं। अब बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ने सरकार से हिसाब मांगा है कि बीते 17 सालों में उत्तराखंड में क्या क्या हुआ है ? किन योजनाओं को अमलीजामा पहनाया गया, कहां घोटाले हुए, कहां लोगों की सुवधियाओं का ध्यान नहीं रखा गया, कहां शिक्षा व्यवस्था की हालत खराब है, कहां स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, हर काम का हिसाब अब मोदी की टीम लेगी। इसके लिए उत्तराखंड के सरकारी महकमे में हलचल मची है। दिख रहा है कि हर कोई राइट टाइम चल रहा है।
मोदी की टीम टीम नई सरकार के कार्यकाल का हिसाब-किताब तो लेगी ही। इसके साथ ही बीचे 17 सालों का रिपोर्ट कार्ड भी खंगालेगी। खबर है कि जल्द ही नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे के दौरान वो 13 नवंबर को प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे।नीति आयोग के उपाध्यक्ष का दौरा तय होने के बाद शासन ने भी बैठक का एजेंडा तय कर दिया है। सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिवों और सचिवों को बैठक के बारे में खबर भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि इसके लिए शासन बेहद गंभीर है। नव नियुक्त मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह भी तैयारियों को लेकर दो बैठकें कर चुके हैं। सभी विभागों को अब तक प्रगति और योजनाओं को लेकर तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं। नीति आयोग के उपाध्यक्ष 13 नवंबर को देहरादून पहुंचेंगे।
इसके बाद वो दोपहर बाद ढाई बजे मुख्यमंत्री के कैबिनेट हाल में मीटिंग लेंगे। राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश के मसलों को लेकर चर्चा की जाएगी। बैठक में किसानों की आय दोगुनी करने पर बात होगी। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी विकास के बारे में जानकारी ली जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा जैसे अहम मसलों के बारे में रिपोर्ट मांगी जाएगी। पर्यटन, उद्योग, परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण और सेवाओं के मुद्दे पर भी रिपोर्ट खंगाली जाएगी। कुल मिलाकर कहें तो उत्तराखंड के विकास को लेकर पीएम मोदी काफी सतर्क दिख रहे हैं। पीएम मोदी ये जानने की कोशिश भी करेंगे कि आखिर बीते 17 सालों में उत्तराखंड में सरकारी महकमे का क्या हाल रहा है। इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी ली जाएगी कि विकास कार्यों में रुकावट या फिर बाधा डालने वाले तत्व कौन कौन से हैं।