पहाड़ी शूरवीर का कश्मीर में ऑपरेशन क्लीन, अब कश्मीर के कुछ नेताओं का नंबर
Nov 10 2017 6:25PM, Writer:सुमित
क्या आपने एक बात पर गौर किया है कि कश्मीर में पत्थरबाजी पर लगाम जैसे लग गई है। कभी जिस कश्मीर की वादियां पत्थबाजों, हुर्रियत नेताओं के कड़वे बयानों और अलगाववादियों की हरकतों से बौखलाई रहती थीं। आज उस कश्मीर की वादियों में घुला जहर कहीं गायब सा हो गया है। पीएम मोदी के फॉर्मूले को भारतीय सेना ने अमलीजामा पहनाने का काम किया है। इस बीच भारतीय सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने एक बड़ी बात देशवासियों को बताई है। जनरल रावत ने कश्नीर के हालातों पर कहा है कि घाटी में अब पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आ गई है। उनका कहना है कि सेना के पास ऐसे लोगों से निपटने का सीधा फॉर्मूला है। खास बात ये है कि कश्मीर के युवाओं का ध्यान अब नए कामों पर लगाया जा रहा है। दरअसल इससे पहले सेना के एक बड़े ऑफिसर का भी कहना है था कि कश्मीर में युवाओं से अब सेना सीधी बात कर रही है।
इसके साथ ही उनका ध्यान नए कामों पर लगाया जा रहा है। उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि जम्मू कश्मीर के कुछ नेताओं पर भी सेना की नजर है, जो समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। जनरल बिपिन रावत का कहना है कि घाटी में शांति बहाल करने के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही जनरल रावत ने ये भी चेताया कि सेना का पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हथियारों के आधुनिकीकरण पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही सेना में अब नई तकनीकि का इस्तेमाल बढ़-चढ़कर किया जा रहा है। जनरल बिपिन रावत वो शख्स हैं, जो इससे पहले साफ कर चुके हैं कि अगर सीमा पार से आतंकियों ने घुसपैठ की तो उन्हें जमीन में दो फुट नीचे गाढ़ दिया जाएगा।
सेना इसके लिए तैयार है और किसी भी आतंकवादी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि कश्मीर समस्या का रातों-रात बदलाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि सरकार, सुरक्षा एजेंसिया और राज्य प्रशासन हर संभव कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बचाया कि इसी तरह से मिलकर काम किया गया तो चीजों में बदलाव आएगा। कश्मीर में इस वक्त हर मूवमेंट को लेकर सेना अलर्ट मोड पर है। कुल मिलाकर कहें तो पीएम मोदी को इस वक्त देश के आर्मी चीफ पर बेहद भरोसा है, उनका प्लान लगातार कामयाब होता जा रहा है और माना जा रहा है कि ऑपरेशन क्लीन की मदद से जल्द ही घाटी की फिजाओं में प्यार की हवाएं बहेंगी। अलगाववादियों के जहरीले बयानों, हुर्रियत नेताओं की बातों और पत्थरबाजों को उकसाने वालों पर खास तरह से नजर रखी जा रही है।