उत्तराखंड की शान है ये डीएम, एक एक्शन से बचाई सैकड़ों स्कूली बच्चों की जान
Nov 24 2017 4:13PM, Writer:सोनिका
उत्तराखंड में इस वक्त कुछ जिलाधिकारी ऐसे हैं, जो अपने कामों की वजह से लोगों के दुलारे बते जा रहे हैं। ऐसे ही हैं हरिद्वार के डीएम दीपक रावत। इस बार इस जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों की जान से खिलवाड़ होने से बचा लिया। रिद्वार में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। जिलाधिकारी दीपक रावत जिला कलेक्ट्रेट से अपने घर की तरफ पैदल जा रहे थे। इस बीच एक बस वहां से गुजरी। इस बस में स्कूल के बच्चे सवार थे। खास बात ये है कि बस का रंग ना तो पीला था और इस पर स्कूल का नाम भी नहीं लिखा था। मामले की गंभीरता को डीएम दीपक रावत ने तुरंत पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत बस को रोका। बस के अंदर घुसे तो हैरान रह गए। सबसे पहले उन्होंने बस के फर्स्ट एड बॉक्स को खोला। फर्स्ट एड बॉक्स में अक्सर दवाएं रहती हैं।
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लेकिन यहां तो सिगरेट के पैकेट और गंदे कपड़े रखे थे। इसके बाद डीएम ने बच्चों की तरफ देखा तो उन्हें और भी ज्यादा हैरानी हुई। बस में सीटें कम थी और बच्चे खचाखच भरे थे। इसके तुरंत बाद उन्होंने रुड़की और हरिद्वार एआरटीओ को स्कूली बसों की सघन तरीके से जांच के आदेश दिए। इस बस में और भी पड़ताल की गई। बस में सिर्फ ड्राइवर था। यानी बच्चे इस बच्चे में सिर्फ अपने ही रिस्क पर उतर और चढ़ सकते हैं। स्कूल का कोई भी कर्मचारी बस में नहीं था। बस की खिड़कियों पर किसी भी तरह के कोई जाले नहीं थे। इतनी भंयकर अनियमितता और उसके बाद भी बस चालक का ऐसा ढुलमुल रवैया कि कुछ हुआ ही ना हो। डीएम दीपक रावत ने तुरंत रुड़की और हरिद्वार एआरटीओ को फोन किया। उन्होंने सख्त आदेश दिए कि हर स्कूली वाहन की सख्त जांच कराई जाए।
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डीएम ने बस के कागज और ड्राइवर का लाइसेंस अपने पास रख लिया। बताया जा रहा है कि इस बस में डीपीएस रानीपुर के छात्र सवार थे। ये सारे सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के बच्चे थे। इसके बाद डीपीएस रानीपुर के प्रधानाचार्य ने इस बस से ही पल्ला झाड़ लिया। जिन अभिभावकों के बच्चे ऐसी स्कूल की बस में जाते हैं सभी को सामने बुलाया जाएगा। सवाल ये है कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है और किसी का ध्यान इस तरफ नहीं था। अगर कल के दिन कोई बड़ा हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। डीएम दीपक कावत का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि अगर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही सामने आई तो उनपर भी कार्रवाई होगी। अब देखना है कि आगे इस मामले में क्या होता है।