image: Dm deepak rawat make a chai seller hero

डीएम दीपक रावत ने चाय बेचने वाले को बना दिया हीरो, लोग मिलने को बेताब

Nov 25 2017 4:54PM, Writer:अल्पना

हरिद्वार के बेखौफ जिलाधिकारी दीपक रावत, जो भ्रष्टाचारियों के दुश्मन हैं, जिन्हें ईमानदारों से प्यार है। आए दिन वो कुछ ना कुछ ऐसा काम कर जाते हैं कि वो लोगों के बीच चर्चाएं होना शुरू हो जाती है। बीते हफ्ते डीएम दीपक रावत काम के सिलसिले में बाहर गए थे। वापस आते ही उन्होंने दो ऐसे काम किए हैं कि हर जगह उनकी तारीफ हो रही है। जो तस्वीर आप देख रहे हैं, उनमें दीपक रावत को तो आप पहचान ही गए होंगे। लेकिन उनके साथ में एक युवक खड़ा है, जिसका नाम है चंद्रशेखर चौधरी। चंद्रशेखर बेहद ही गरीब परिवार का लड़का है और चाय बेचकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। इसके बाद भी चंद्रशेखर ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। वो SMJN पीजी कॉलेज में बी.कॉम की पढ़ाई भी कर रहा है। इसके अलावा चंद्रशेखर रिक्शा भी चलाता है, ताकि परिवार का पेट पाला जा सके।

यह भी पढें - उत्तराखंड को चाहिए ऐसे जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग की ये तस्वीर बहुत कुछ कहती है
यह भी पढें - उत्तराखंड की धाकड़ महिला जिलाधिकारी, ऐसे डीएम हों तो देवभूमि संवर जाए
चंद्रशेखर के हाथों की चाय डीएम दीपक रावत ने भी है और वो उसकी जिंदगी से काफी प्रभावित भी हैं। इस दौरान चंद्रशेखर ने डीएम दीपक रावत के साथ एक सेल्फी खींची। इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया और डीएम दीपक रावत को टैग करके लिखा कि ‘क्या आप मुझे पहचानते हैं, सर मैंने आपको चाय पिलाई थी। आम तौर पर कोई बड़े पद पर बैठा इसांन ऐसी तस्वीरों का जवाब नहीं देताष लेकिन डीएम दीपक रावत ने उसे अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया और लिखा कि ‘’आप मेरे लिए हकीकत के हीरो हैं।’’ इसके बाद तो चंद्रशेखर सच में हीरो बन गया है। उसे मालूम नहीं था कि सोशल मीडिया पर डीएम के फोटो डालने के बाद वो फेमस हो जाएगा। उसे कॉल आ रहे हैं और लोग उससे मिलने के लिए बेताब हो रहे हैं। ये है डीएम दीपक रावत की दिलेरी, जिसके बारे में काफी कम लोग जानते हैं।

यह भी पढें - उत्तराखंड की लेडी ‘दबंग’, भ्रष्टाचारियों की काल, माफियाओं की दुश्मन
यह भी पढें - देवभूमि का सिंघम, फिर से पहाड़ी बच्चों के लिए देवदूत बना ये जिलाधिकारी
डीएम दीपक रावत इसके साथ ही अपने एक्शन के लिए पूरे उत्तराखंड में मशहूर हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि जब तक वो हरिद्वार में तैनात हैं तब तक किसी गलत काम को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हाल ही में डीएम दीपक रावत एक शहीद परिवार के घर गए थे और वहां शहीद की मां का जन्मदिन मनाया था। उत्तराखंड के इस जिलाधिकारी ने साबित कर दिया है कि अगर सच में काम करने का मन है, तो एसी कमरों से बाहर निकलना पड़ेगा। लोगों की मदद करनी पड़ेगी, जनता के बीच जाकर उनकी परेशानियां जानी पड़ेंगी। तभी जाकर सुधार होगा, वरना एसी कमरों में बैठकर सुधार की कल्पना करना भी बेमानी ही है। हरिद्वार में डीएम दीपक रावत का नाम लोग शान से लेते हैं। काफी अर्सों के बाद इस जिले को ऐसा जिलाधिकारी मिला है, जो हर काम को ताल ठोंककर करते हैं।


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
  • TRENDING IN UTTARAKHAND

View More Trending News
  • More News...

News Home