गांव की बेटी ने रचा इतिहास, 2000 मीटर रेस में जीता गोल्ड मेडल, बनाया नेशनल रिकॉर्ड
Nov 27 2017 8:32PM, Writer:नितिका
वो बेटी ही है, जिसने पहाड़ों का नाम रोशन किया है। वो बेटी ही है, जिसने नेशनल चैंपियनशिप में पहाड़ी पावर साबित की है। वो पहाड़ की बेटी है अंकिता ध्यानी। अंकिता ध्यानी ग्रामीण पृष्ठभूमि मे पली बढ़ी लड़की है। गांव में रहना, गांव में प्रैक्टिस करना ही उसका काम है। तमाम सुविधाओं के अभाव में भी इस बेटी ने ऐसा चमत्कार कर दिखाया है कि देश सलाम कर रहा है। अंकिता ध्यानी विकासखण्ड जयहरीखाल के मेरुडा गांव की रहने वाली हैं। हाल ही में हैदराबाद मे नेशनल एथलीट अंडर-16 का आयोजन किया गया था। इस नेशनल चैंपियनशिप में देशभर के हजारों बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया था। लेकिन अंकिता ने 2000 मीटर दौड़ में पहला स्थान हासिल कर सभी को हैरान कर दिया। अंकिता ने पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ाने का काम किया है।
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ऐसी बेटियों को बार बार सलाम करने का दिल करता है। 43 वीं जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैपियनशिप में अंडर 16 बालिका वर्ग की दो हजार मीटर दौड़ में अंकिता ध्यानी ने गोल्ड मेडल हासिल किया। पहाड़ के लिए दोहरी खुशखबरी ये भी है कि इसी चैंपियनशिप में पहाड़ की बेटी अनिशा ने भी कांस्य पदक हासिल किया है। अनिशा ने अंडर-14 में 600 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। अंकिता ध्यानी के बारे में बताया जा रहा है कि इस बेटी ने नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। विजयवाड़ा में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 29 राज्यों के 2400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। चैपयनशिप में अंकिता ध्यानी ने 2000 मीटर दौड़ स्पर्धा को 6 मिनट 36 सेकंड का वक्त निकाला। बताया जा रहा है कि इससे पहले राजस्थान की सुगंधा के नाम 6 मिनट 38 सेकंड का रिकॉर्ड था।
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इस हिसाब से देखें तो अंकिता ने 2 सेकंड का कम वक्त लिया और नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि अनिशा ने 600 मीटर रेस में 1 मिनट 38 सेकंड का वक्त लिया। हालांकि अनिशा कुछ ही अंतराल से सिल्वर मेडल से चूक गईं। हिल्स डेवलपमेंट के चेयरमैन रघुवीर बिष्ट ने अंकिता ध्यानी को प्रशस्ति पत्र एवं नकद धनराशि देकर सम्मानित किया है।उत्तराखंड के पहाड़ों की बेटियां किस कदर आत्मनिर्भर होती हैं, किस कदर संघर्षों से लड़कर आगे बढ़ती हैं, किस कदर सामने आने वाली हर मुश्किल का पार करती हैं, ये सब कुछ दुनिया के लिए किसी मिसाल से कम नहीं। आज पहाड़ की बेटियों ने हर जगह अपना नाम रोशन किया है। ऐसे ही ये बेटियां भी हैं, जिन्होंने साबित कर दिया है कि अगर आपके दिल में कुछ कर गजरने की हिम्मत हो, तो आप बड़े से बड़ा लक्ष्य आसानी से पार कर सकते हैं।