पहाड़ के जिलाधिकारी पर पीएम मोदी को भरोसा, केदारनाथ के लिए झोंकी पूरी ताकत
Nov 28 2017 2:17PM, Writer:मीत
उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग जिला। ये जिला कई मायनों में बेहद अहम है। बाबा केदारनाथ इस जिले में ही हैं मौजूद हैं। बाबा केदार, जिनके कपाट खुले थे तो, पीएम मोदी वहां मौजूद थे और कपाट बंद हुए तो भी पीएम मोदी वहां मौजूद थे। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिला एक और बात के लिए मशहूर है और वो बात है यहां के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल। जी हां वो नाम जो आज लगभग हर पहाड़ी की जुबान पर है। खास बात ये है कि पीएम मोदी ने केदार के हर काम की जिम्मेदारी मंगेश घिल्डियाल के हाथों में ही दी है। ये ही वजह है कि नई केदारपुरी के लिए कड़ाके की ठंड में भी जबरदस्त काम हो रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के सपने को साकार करने के लिए यहां दिन-रात काम चल रहा है। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि दिल्ली से आर्किटेक्ट की टीम ने यहां सर्वे किया है।
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मंदिर के पीछे सौंदर्यीकरण के लिए ये सर्वे किया गया है। ये टीम नक्शा तैयार कर पीएम मोदी के सामने प्रजेंटेशन देगी। इसके बाद ही आगे का काम शुरू किया जाएगा। जब पीएम मोदी पिछले महीने केदार के दर्शनों के लिए आए थे तो उन्होंने पांच योजनाओं का शिलान्यास किया था। इनमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण आदि गुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का पुर्निर्माण है। इसके साथ ही मंदिर के पीछे सौंदर्यीकरण भी एक अहम काम है। पीएम ने कहा था कि केदारनाथ मंदिर के पीछे कोई छेड़छाड़ किए बिना सौंदर्यीकरण का काम किया जाए। दिल्ली से आई आर्किटेक्ट की टीम ने मंदिर के पिछले हिस्से का सर्वे किया। इसके साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की समाधिस्थल का भी सर्वे किया। डीएम मंगेश घिल्डियाल के हाथों में सारी जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही कुछ और भी खास बातें हैं।
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उनका कहना है कि पीएम मोदी की इच्छा के मुताबिक नक्शा तैयार करने में करीब डेढ़ महीने का वक्त लगेगा। इसके बाद ये नक्शा पीएम मोदी को दिखाया जाएगा। खास बात ये ही कि खुद डीएम मंगेश भी इस कड़ाके की ठंड में केदार का दौरा कर रहे हैं और कामों पर नजर डाल रहे हैं। उधर मिशन केदार को अंजाम देने के लिए प्रदेश सरकार ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। मौसम कभी भी करवट बदल सकता है, ऐसे में काम के लिए बेहद कम वक्त है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा है कि पहले रामबाड़ा से केदारनाथ तक पैदल मार्ग का निर्माण होगा। इसके बाद मंदिर से संगम तक 250 मीटर लंबे और 50 मीटर चौड़े मार्ग का निर्माण होगा। इसके अलावा मंदिर में बाढ़ सुरक्षा के कार्य किए जाने हैं। ये सारे काम अगला यात्रा सीजन शुरू होने से पहले पूरे होने हैं। केदारनाथ में रात का तापमान शून्य से पांच डिग्री नीचे जा रहा है।