Video: देवभूमि चाहती है ऐसे जिलाधिकारी, पहाड़ में रोजगार की पहल शुरू, गांवों के लिए खुशखबरी
Dec 4 2017 4:03PM, Writer:मीत
एक तरफ उत्तराखंड में रोजगार एक विकराल समस्या बनता जा रहा है. उधर एक जिलाधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने पहाड़ो में रोजगार की दिशा में अभूतपूर्व पहन शुरू कर दी है। जी हां हम बात कर रहे हैं कि रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की। डीएम ने रुद्रप्रयाग में महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और जागरूक करने के उद्देश्य से ‘स्पर्श’ नाम से एक प्रोजेक्ट संचालित करने की बात कही है। इस प्रोजेक्ट के तहत स्वयं सहायता समूह सैनिटरी नैपकीन का निर्माण करेंगी। पहले फेज में 25 स्कूलों में वेंडिंग मशीन स्थापित की जा रही है। यहां से लड़कियों को सस्ती दर पर नैपकीन उपलब्ध होगी। ये बात भी सच है कि पहाड़ की महिलाएं आज भी स्वयं से जुड़ी जरूरी बातों से अंजान हैं। खुले तौर पर इन विषयों पर चर्चा ना कर पाना इसकी वजह है।
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महिलाओं से जुड़ी गंभीर समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने एक पहल की है। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को ‘स्पर्श’ अभियान से जोड़ दिया है। इसके तहत सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं सैनिटरी नैपकीन का प्रोडक्शन करेंगी। इस टीम के द्वारा लड़कियों और महिलाओं को जागरूक किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता से जुड़ी महिलाओं की आय स्रोत भी खुलेंगे। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि वेंडिंग मशीन और अन्य जरूरी चीजों के लिए ओएनजीसी द्वारा फंडिंग की गई है। फिलहाल जिले को ओएनजीसी की ओर से करीब साढ़े आठ लाख रुपए मिले हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में जागरूकता के अभाव में महिलाओं को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं। महिलाओं को जागरूक करने के साथ ही उन्हें सस्ती दरों पर सैनिटरी नैपकीन उपलब्ध कराई जाएगी।
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अब ये भी जान लीजिए कि ये वेंडिंग मशीनें किस तरह से काम करती हैं। विक्रय मशीन या वेंडिंग मशीन वो मशीन होती जो बिना किसी मानवीय सहायता के विक्रय सेवायें प्रदान कर सकती हैं। इन सेवाओं के संचालन के लिए स्वचालन तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इसके साथ ही डीएम मंगेश ने इस बारे में एक वीडियो भी जारी किया है। आप भी देखिए