Video: 10 साल की इरा थपलियाल, उत्तराखंड की प्यारी सी परी एक संदेशा लाई है, देखिए
Dec 5 2017 4:32PM, Writer:प्रगति
इस वीडियो को आप देखें, उससे पहले आपको खुद से ये सवाल पूछना होगा कि क्या आप अपनी संस्कृति को साथ लेकर चल रहे हैं ? क्या आप अपनी सभ्यता और अपनी बोली को दुनिया के सामने पेश करने की कोशश कर रहे हैं ? सवाल इसलिए क्योंकि अगर 10 साल की ये छोटी सी बच्ची ऐसा कर सकती है तो आप क्यों नहीं कर सकते ? ऐसा भी नहीं है कि ये बच्ची किसी सुदूर गांव में रहती है। देहरादून में रहती है, जी हां वो ही देहरादून जहां के लिए कहा जाता है कि शहर में आकर पहाड़ के लड़कों को हवा लग जाती है और वो अपनी संस्कृति से दूर हो जाते हैं। इरा थपलियाल...ये बच्ची अब नाम नहीं मिसाल है। इसे दूसरे शब्दों में कहें तो ये एक संकेत भी है कि बच्चे भी अब अपनी संस्कृति के बारे में जानकर ऐसे युवाओं को सीख दे रहे हैं, जो अपनी पहचान खो रहे हैं।
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खैर इरा की मां दिव्या थपलियाल है। दिव्या शाश्वत पंडित की दीदी हैं। शाश्वत पंडित का नाम तो जानते होंगे आप ? उत्तराखंड के संगीत को दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं शाश्वत। राज्य समीक्षा से बातचीत में शाश्वत ने एक बार कहा था कि बच्चे बच्चे को उत्तराखंड की संस्कृति से रू-ब-रू करवाना काफी जरूरी है। इसकी शुरुआत भी शाश्वत ने घर से ही की है। इरा थपलियाल अपने मामा शाश्वत और अर्पित शिखर के साथ जुगलबंदी कर रही हैं। कानों को तो अच्छा लग रहा है, आंखों को भी सुकून मिल रहा है ये देखकर कि एक बच्ची इस तरह से अपनी संस्कृति को आत्मसात कर रही है। एक बच्चे की परवरिश कैसी होनी चाहिए, ये काफी हद तक उसके माता-पिता और नाते-रिश्तेदारों पर निर्भर करता है। इरा की मां और पिता ने भी उनके भीतर ये संस्कार कूट-कूटकर भरे हैं।
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बात जब मामा की हो तो, कहने ही क्या। शायद आप ऐसा वीडियो देख रहे हैं, जिसमें शाश्वत कैमरे के आगे तो हैं लेकिन गीत नहीं गा रहे, वो सिर्फ गिटार पर म्यूजिक दे रहे हैं। इरा के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर एक अलग ही पहचान मिल रही है। ये बात भी सच है कि उत्तराखंड का संगीत आज के दौर में इसलिए आगे नहीं बढ़ पाया क्योंकि हमने बचपन से उसे सांसों में तो बसाया लेकिन शायद उसे आगे बढ़ाना भूल गए। अब इन बच्चों से ही तो हमारी उम्मीदें जुड़ी हैं। सपनों को पंख लगते ज्यादा देर नहीं लगती और इरा थपलियाल जो कर रही हैं, वो सच में प्रेरणादायक है। ये वीडियो देखिए। जय उत्तराखंड