image: Pankaj semwal selected for bravery award

उत्तराखंड के लिए गौरवशाली पल, टिहरी के पंकज सेमवाल को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

Dec 8 2017 12:38PM, Writer:आकांशा

उत्तराखंड के लिए एक बार फिर से गौरवशाली खबर निकलकर सामने आ रही है। टिहरी जिले के बच्चे पंकज सेमवाल का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2018 के लिए किया गया है। उन्होंने अपनी जान की फिक्र किए बगैर, गुलदार के मुंह से अपनी मां की जान बचाई थी। 26 जनवरी को पंकज को ये पुरस्कार खुद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देंगे। अब उस घटना के बारे में आपको बताते हैं, जब पंकज सेमवाल ने जान की परवाह किए बिना अपनी मां की जान बचाई थी। ये घटना टिहरी गढ़वाल के प्रतापनगर के नारगढ़ गांव की है। 10 जुलाई की रात पंकज सेमवाल अपनी माता विमला देवी और अपने भाई-बहन के साथ दूसरी मंजिल पर घर के बरामदे में सो रहे थे। तभी रात 1 बजे गुलदार ने घर की सीढ़ियों से घात लगाई और विमला देवी पर हमला बोल दिया।

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जब एक गुलदार सामने हो तो अच्छे खासे लोगों की जान यूं ही निकल जाती है। गुलदार ने हमला किया तो विमला देवी ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद बगल में सो रहे पंकज की नींद टूटी। पास में डंडा पड़ा था, पंकज ने डंडा उठाया और बे्तहाशा गुलदार पर वार करने शुरू कर दिए। बगल में पंकज के भाई बहन भई थे, वो ये सब देखकर सन्न रह गे। पंकज के सिंर पर मानों अपनी मां को बचाने का जुनून सवार था। वो लगातार बाघ पर हमला करते जा रहे थे। हमले में विमला देवी घायल हो चुकी थी और लगातार उनके शरीर से खून बह रहा था। पंकज का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। अपनी मां को लहुलुहान होते देख पंकज का क्रोध उफान मारने लगा। गुलदार पर ऐसे ऐसे वार किया कि उसे मजबूर होकर वहां से भागना पड़ा।

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शोर-शराबा सुन मौके पर गांव के लोग पहुंचे और उन्हों ने घायल विमला देवी को 15 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया। पंकज के पिता नहीं हैं और मां घर में खेती का काम कर परिवार चलाती है। उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद ने गहन जांच-पड़ताल के बाद प्रदेश से 4 वीर साहसी बच्चों का नाम राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2018 के लिए भेजा था। जिनमें कनिका (उधम सिंह नगर), पंकज सेमवाल (टिहरी गढ़वाल), ईश्वर सिंह (चमोली), अक्षय गुप्ता और युवराज चांवला (सयुंक्त) ऊधमसिंह नगर शामिल थे। भारतीय बाल कल्याण परिषद नई दिल्ली से फाइनल सलेक्शन पंकज सेमवाल का ही हुआ। फिर उत्तराखंड के लिए खुशी का मौका है। आप भी इस वीर बालक को शुभकामनाएं दें। ऐसे बच्चे हमारे पहाड़ों का नाम रोशन कर रहे हैं।


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