फिर गरजा पहाड़ी शेर, बोले 'राजनीति से दूर रहे भारतीय सेना, खतरा है'
Dec 8 2017 2:30PM, Writer:आदिशा
भारतीय सेना के चीफ बिपिन रावत ने अब वो बात कह दी है, जिसकी देशभर मे चर्चाएं हो रही हैं। जनरल बिपिन रावत ने सेना के राजनीतिकरण को लेकर सभी को आगाह किया है। उनका कहना है कि पिछले कुछ दिनों से सेना के राजनीतिकरण की कोशिश हो रही है। हालांकि किसी खास घटना, व्यक्ति या सरकार का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बहाल रखने के लिए सेना को राजनीति से दूर रखना होगा। यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूट के कार्यक्रम में जनरल रावत ने कहा कि सेना धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के साथ काम करती है। उन्होंने कहा कि एक वक्त था जब सेना के भीतर आम बातचीत में महिला और राजनीति की कोई जगह नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से यह दोनों विषय धीरे-धीरे अपनी जगह अख्तियार कर रहे हैं। इससे बचना जरूरी है।
यह भी पढें - सलाम सेना: कश्मीर में 5 आतंकवादी ढेर, भारी बर्फबारी के बीच वीरों ने लिखी शौर्यगाथा
यह भी पढें - गढ़वाल राइफल के जवानों ने फिर दिया शौर्य का परिचय, 4 आतंकियों को ढेर कर दिया
जनरल रावत का कहना है कि सेना का राजनीतिकरण देश के लोकतांत्रिक ताने बाने के लिए किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। सेना को राजनीति से लंबी दूरी बनाकर रखनी होगी। जनरल रावत ने कहा कि सेना अपना काम तब तक शानदार तरीके से करती है, जब तक उसे राजनीति से पूरी तरह दूर रखा जाए। किसी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जब भी किसी मुद्दे को सेना की किसी संस्था या अधिकारी से जोड़ने की कोशिश होती है तो सभी को सतर्क हो जाना चाहिए। इस बीच अच्छी खबर ये है कि रक्षा मंत्रालय ने वीरता पुरस्कार विजेताओं के लिए मॉनिटरी अलाउंस दोगुना कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये नया नियम 1 अगस्त से प्रभावी होगा। इसके लिए भी जनरल बिपिन रावत ने पूरी कोशिश की थी। 4 दिसंबर को एक पत्र जारी किया गया।
यह भी पढें - पहाड़ी शेर जनरल बिपिन रावत तैयार, बर्फीली बॉर्डर पर ही आतंकियों के खात्मे की तैयारी
यह भी पढें - पहाड़ी शूरवीर का कश्मीर में ऑपरेशन क्लीन, अब कश्मीर के कुछ नेताओं का नंबर
इस पत्र के मुताबिक परमवीर चक्र विजेता को हर महीने 20,000 रुपये दिए जाएंगे। अब तक ये राशि 10,000 रुपये तक थी। आपको बता दें कि परमवीर चक्र युद्धकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। इसके अलावा अशोक चक्र से सम्मानित होने वाले को हर माह 12,000 रुपये का भुगतान सरकार की तरफ से किया जाएगा। अब तक अशोक चक्र विजेता को महीने में 6,000 रुपये दिए जाते थे। अशोक चक्र शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है। इसके अलावा महावीर चक्र विजेता को 10,000 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। कीर्ति चक्र विजेता के लिए 9 हजार रुपये प्रतिमाह का ऐलान किया गया है। इसके अलावा शौर्य चक्र पुरस्कार के लिए 6,000 रुपये, वीर चक्र के लिए 7,000 रुपये प्रति माह तय किए गए हैं। साथ ही नौसेना मेडल, सेना मेडल और वायु सेना मेडल के लिए 2,000 रुपये प्रति माह मिलेगा।