पहाड़ के गरीब किसान का बेटा, आर्मी ऑफिसर बनकर बढ़ाया देवभूमि का मान
Dec 11 2017 6:01PM, Writer:अमित
उत्तराखंड के सपूतों में देशभक्ति का जज्बा किस कदर है, इसका अंदाजा आप इस बात से ही लगा सकते हैं कि इस बार देश की सेना को उत्तराखंड से 38 आर्मी ऑफिसर्स मिले हैं। इन्ही ऑफिसर्स में से एक हैं राहुल जबोला। टिहरी गढ़वाल के रहने वाले राहुल बडोला ने अपनी मेहनत के दम पर साबित किया है कि मुश्किलें कई आएं लेकिन हौसला डिगना नहीं चाहिए। राहुल डबोला टिहरी के घनसाली में भिलंगना के ग्राम पंचायत फलेंडा के रहने वाले हैं। वो एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। राहुल अपने भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। पिता किसान हैं तो राहुल को खेतों में भी काम करना था। पिता की मदद की और साथ ही सीडीएस की तैयारी करते रहे।उनकी माता का नाम मीना देवी है। मीना देवी गृहणी हैं। राहुल की छोटी बहन का नाम साधना है। उनका छोटा भाई रविन्द्र मुंबई के एक होटल में काम करता है।
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किसान के घर में जन्मे इस सपूत ने अपने मन में पहले से ही निश्चय कर दिया था कि चाहे कुछ हो जाए, देश की सेना में जाना है और आर्मी ऑफिसर बनना है। इसके लिए वो पॉलीटेक्निक के दौरान एनसीसी कैडेट भी रहे। राजकीय इंटर कॉलज घुमेटीधार से उन्होंने साल 2009 में हाई स्कूल किया था। इसके बाद 2011 में इंटर की परीक्षा पास करने के बाद वो पॉलीटेक्निक के लिए श्रीनगर चले गए थे। घर की हालत ठीक नहीं थी इसलिए राहुल ने पंतनगर में टाटा मोटर्स में नौकरी करनी शुरू कर दी। इस दौरान देश की सेना में जाने का सपना और भी ज्यादा उफान मार रहा था। किसान के इस बेटे राहुल ने आइएमए की 2016 में सीडीएस की परीक्षा पास की थी। ऐसा नहीं है कि उसके लिए ये पहली बार में हुआ, वो लगातार फॉर्म भरते रहे। हर असफलता ने उन्हें और मजबूत बनाया और अब जाकर दो स्टार उनके कंधे की शोभा बढ़ा रहे हैं।
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हाल ही में हमने आपको बताया था कि उत्तराखंड के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा उफान मारता है। देश सेवा के मामले में उत्तराखंडी सबसे आगे हैं। उत्तराखंडियों के बारे में कहा जाता है कि देशभक्ति और देशसेवा का जज्बा उनमें कूट-कूटकर भरा है। आज देश की रक्षा के मामले में भी उत्तराखंडियों का कोई सानी नहीं है। हम आपको कुछ आंकड़े दिखा रहे हैं, जो साबित करते हैं कि इस वक्त देश की सेना में उत्तराखंड से सबसे ज्यादा जांबाज देने वाले राज्यों में से एक है। जनसंख्या घनत्व के हिसाब से देखा जाए तो उत्तराखंड ने देश को सबसे ज्यादा जांबाज दिए हैं। उत्तराखंड की आबादी देश की आबादी का महज 084 फीसदी है। लेकिन देश की रक्षा के मामले में उत्तराखंडी सबसे आगे हैं।