जय उत्तराखंड: ग्लोबल टीचर अवॉर्ड के लिए भारत से सिर्फ एक नाम, प्रदीप नेगी
Dec 15 2017 12:09PM, Writer:आदिशा
गर्व का मौका है, तो हम गर्व करेंगे। एक दिव्यांग शिक्षक ने अपने हुनर से ऐसा कारनामा कर दिखाया है, कि पूरा देश दंग है। सबसे पहले हम आपको बता देते हैं कि दुनिया के 173 देशों के 30 हजार शिक्षकों को ग्लोबल टीचर अवॉर्ड के लिए सलेक्ट किया गया था। उनमें से बाद में 50 शिक्षकों का सलेक्शन किया गया। हैरानी की बात ये है कि इन 50 शिक्षकों में से भारत के सिर्फ एक ही शिक्षक का सलेक्शन किया गया है और उनका नाम है प्रदीप नेगी। प्रदीप नेगी शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। वो जल्द ही दुबई में फाइनल सलेक्शन के लिए होने वाले समारोह में शामिल होंगे। अगर वो आखिरी 10 में सलेक्ट हो जाते हैं तो लंदन में उन्हें ग्लोबल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। अगर वो आखिरी 10 में शामिल होते हैं और उन्हें ये सम्मान दिया जाता है तो इस दौरान उन्हें 1 लाख डॉलर की राशि भी मिलेगी।
यह भी पढें - उत्तराखंडियों से सीखिए इंसानियत, दुबई में फंसे लोगों का मददगार बना एक पहाड़ी
यह भी पढें - देहरादून में अगला रोहित शर्मा तैयार..128 गेदों में बनाए 297 रन..22 छक्के, 31 चौके जमाए
ग्लोबल टीचर अवॉर्ड दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले शिक्षकों को दिया जाता है। वारके फाउंडेशन नाम की संस्था द्वारा ये सम्मान दिया जाता है। प्रदीप नेगी दिव्यांग हैं, उन्हें पोलियो हो गया था और वो एक पैर से अपंग हैं। इसके बाद भी आज उन्होंने ऐसी कामयाबी हासिल की है, जो हर किसी के लिए प्रेरणा है। अच्छे खासे पढ़े-लिखे लोगों के लिए तो ये सम्मान किसी सपने से कम नहीं है। बैसाखियों के सहारे चलकर उत्तराखंड के एक सरकारी स्कूल का ये शिक्षक दुनिया पर छाने के लिए तैयार है। प्रदीप नेगी जब 2 साल के थे, तो पोलियो की वजह से उनका एक पैर खराब हो गया था। उनका सलेक्शन पहली बार शिक्षक के रूप में पौड़ी गढ़वाल के एक गांव के स्कूल में हुआ। उन्हें नौकरी पर जाने के लिए खच्चर पर सवार होकर जाना पड़ा था।
यह भी पढें - दुआ कीजिए: रुद्रप्रयाग के गरीब घर का बेटा मौत से जूझ रहा है, सरकार से मदद की गुहार
यह भी पढें - Video: ये हैं उत्तराखंड के हाल, दो ट्रकों के बोझ से नदी में समाया पुल, मचा कोहराम
इसके बाद उनका ट्रांसफर हरिद्वार बीएचइएल स्थित राजकीय माध्यमिक स्कूल में हुआ। प्रदीप नेगी ने अपने सरकारी स्कूल के छात्रों को बेहतरीन शिक्षा दी। कई नए प्रयोग किए। अर्थशास्त्र के प्रवक्ता के रूप में उन्होंने अपने विषय में छात्रों की रुचि पैदा करने के लिए उन्हें मल्टीमीडिया सॉफ्टवेयर, टूल्स, वेबसाइट और ब्लॉग बनाए। प्रदीप ने टीचर ट्रेंनिग प्रोग्राम के तहत अब तक 1200 से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेंड किया है। उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार और माइक्रोसॉफ्ट इनोवेटिव समेत आधा दर्जन से ज्यादा अवार्ड मिल चुके हैं। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रदीप नेगी को सम्मानित कर चुके हैं। एक सरकारी टीचर होने के बाद भी उन्होंने शिक्षा को आइटी तकनीक से जोड़ा और बच्चों को बेहतर शिक्षा दी। सलाम है आपको प्रदीप जी। जय उत्तराखंड, जय भारत