image: When  ritesh agarwal of oyo rooms got idea from uttarakhand

देहरादून ने दी ताकत, मसूरी ने दिया ज्ञान, ऐसे 6000 करोड़ का मालिक बना सिम बेचने वाला

Dec 18 2017 7:05PM, Writer:गौरी

उत्तराखंड के बारे में कई चीजें ऐसी हैं, जिन्हें शायद आप भी नहीं जानते होंगे। लेकिन यकीन मानिए, अगर आप भी इन सब बातों के बारे में जानेंगे तो आपको भी जिंदगी जीने की नई ताकत मिलेगी, प्रेरणा मिलेगी। आपने ओयो रूम्स का नाम सुना है? आज ये कंपनी देशभर में 6 हजार करोड़ रुपये की कंपनी बन गई है। लेकिन इस कंपनी की तरक्की की कहानी देहरादून और मसूरी की गलियों से शुरू होती है। इस कंपनी ने हिंदुस्तान के बिजनेस में नया अध्याय शुरू किया है। आज करोड़ों खरबों रुपये की कीमत वाली ये कंपनी बन चुकी है। कभी इस कंपनी के मालिक रितेश अग्रवाल ने इस कंपनी को एक कमरे से शुरू किया था। रितेश के बारे में एक बात हर कोई जानता है कि जब रितेश ने इस कंपनी को शुरू किया था तो उन्हें सीढ़ियों पर रातें काटनी पड़ी थी, सिम बेचकर कंपनी का खर्चा चलाना पड़ा था।

यह भी पढें - मसूरी का नामकरण किसने किया ? हर दिन 12 बजे क्यों दागी जाती थी तोप ? आप भी जानिए
यह भी पढें - उत्तराखंड में कितनी भाषाएं बोली जाती हैं ? आज अपना गौरवशाली इतिहास भी जानिए
लेकिन आज ये कंपनी 6 हजार करोड़ रुपये कीमत वाली कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी का काम लोगों को सस्ते दामों पर बेहतरीन सुविधाएं देना है। 17 साल की उम्र में रितेश ने इस कंपनी की शुरूआत की थी। अब आलम ये है कि इस कंपनी में जापान के सॉफ्टबैंक ने 250 मिलियन डॉलर का निवेश कर दिया है। रितेश को ये आइडिया कहां से आया, जरा ये भी जान लीजिए। रितेश को ये आइडिया तब आया जब वो साल 2009 में देहरादून और मसूरी घूमने गए। रितेश ने देखा कि ऑनलाइन होटल का बिजनेस कहीं नहीं है। उन्होंने सोचा कि क्यों ना एक ऐसी वेबसाइट बनाई जाए जहां लोगों को सस्ते दामों में होटल मिल सकें। इस बीच ये भी कहा जाता है कि इस काम की शुरुआत रितेश अग्रवाल ने मसूरी और देहरादून के होटल्स से ही की है। इसके लिए उन्होंने ऑनलाइन सोशल कम्युनिटी बनाने का प्लान किया।

यह भी पढें - देवभूमि का वो धाम.. जहां फेसबुक, एप्पल के मालिकों ने सिर झुकाया, तो बदल गई किस्मत
यह भी पढें - देवभूमि में फिर जाग उठे न्याय के देवता, 150 साल बाद इस गांव में तैयारियां शुरू
एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां होटल या फिर प्रॉपर्टी के मालिकों और सर्विस प्रोवाइडर्स की मदद से यात्रियों से कॉन्टैक्ट हो सके। रितेश मसूरी से वापस आए और बिना किसी की मदद के ये कंपनी शुरू कर डाली। रितेश कहते हैं कि शुरुआती दिनों में उनके पास किराया देने के लिए भी पैसे नहीं थे। उन्होंने कई रातें सीढ़ियों पर बिताई हैं। कुछ रिपोर्टस कहती हैं कि रितेश ने इसके लिए सिम बेचकर कमाई का जरिया भी अपनाया। पहले रितेश ने इस वेबसाइट का नाम 'ओरावल' रखा था। लेकिन नाम की वजह से लोग इस वेबसाइट पर नहीं आ रहे थे। इसके बाद 2013 में इसका नाम बदल कर OYO Rooms रख दिया। आज पूरे देश में इस कंपनी के पास 8,500 होटलों में 70,000 से भी ज्यादा कमरे हैं। रितेश शुरू से ही बिल गेट्स और स्टीव जॉब्स के फैन रहे हैं। आज रितेश की कंपनी ओयो रूम्स 6000 करोड़ रुपये की कीमत वाली कंपनी बन गई है।


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
  • TRENDING IN UTTARAKHAND

View More Trending News
  • More News...

News Home