image: Ajit doval son to join politics says report

बड़ी खबर: उत्तराखंड की सत्ता में ‘डोभाल’ की धमक, 2019 में इस सीट से लड़ सकते हैं

Dec 19 2017 7:42PM, Writer:कपिल

मोदी सरकार में सबसे महत्वपूर्ण अधिकारियों में से एक अजीत डोभाल के बारे में कौन नहीं जानता है, देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार होने के साथ साथ वो पीएम मोदी के बेहद करीबी भी हैं। केंद्र सरकार के हर फैसले में वो कहीं ना कहीं से जुड़े रहते हैं, डोभाल के बारे में कहा जाता है कि वो भारतीय जेम्स बॉन्ड हैं. उन्होंने न जाने ही कितने ऑपरेशन अंजाम दिए हैं, आज बात अजीत डोभाल की नहीं बल्कि उनके बेटे के बारे में हो रही है। अजीत डोभाल के बेटे शौर्य डोभाल राजनीति में आने वाले हैं, जी हां सूत्रों का कहना है कि बीजेपी शौर्य को उत्तराखंड की गढ़वाल सीट से अगले लोकसभा चुनाव में उतार सकती है। ये सीट उत्तराखंड बीजेपी के कद्दावर नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी की है। वो इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं।

यह भी पढें - पहाड़ी शेर डोभाल से डर गया दाऊद इब्राहिम, इकबाल कासकर ने किया बड़ा खुलासा !
यह भी पढें - एक पहाड़ी के आगे पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, यूनाइटेड नेशंस में कही बड़ी बात !
पिछले काफी समय से भुवन चंद्र खंडूरी की सेहत ठीक नहीं चल रही है। वो खुद राजनीति से सन्यास लेने की बात कह चुके हैं, ऐसे में इस सीट के लिए उत्तराधिकारी के नाम की चर्चा हो रही है। अब कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे शौर्य को इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। अभी तक शौर्य सियासत से दूर ही रहे हैं। हालांकि उन्हे सतपाल महाराज के चुनाव प्रचार के समय देखा गया था। 1991 से अब तक दो बार छोड़ दें तो गढ़वाल सीट पर भुवन चंद्र खंडूरी का ही कब्जा रहा है। ऐसे में उनके उत्तराधिकारी के तौर पर शौर्य डोभाल से बेहतर कौन हो सकता है। उत्तराखंड में पैदा हुए अजीत डोभाल देवभूमि में काफी लोकप्रिय हैं, उनको किसी हीरो की तरह उत्तराखंड की जनता प्यार करती है। ऐसे में उनके बेटे के सियासी करियर के लिए गढ़वाल से बेहतर कोई लोकसभा सीट नहीं हो सकते हैं।

यह भी पढें - पहाड़ी शेर से चीन ने पूछा ‘डोकलाम आपका है?’, तो मिला ऐतिहासिक जवाब !
यह भी पढें - पहाड़ी शेर की हुंकार का असर देखिए, मोदी के जाते ही डोकलाम भूला चीन
आपको शौर्य डोभाल के बारे में कुछ जानकारी दे देते हैं। गढ़वाल के ही शौर्य ने लंदन और शिकागो से पढ़ाई की है। शौर्य ने काफी समय तक बैंकिंग सेक्टर में काम किया है। केंद्र में मोदी सरकार के गठन के बाद शौर्य सक्रिय हुए थे। मोदी की पहली अमेरिका यात्रा के दौरान शौर्य ने विदेशी निवेशकों के साथ मोदी की मुलाकात में अहम भूमिका निभाई थी। उसी के के बाद से शौर्य पहली बार चर्चा में आए थे। आपको बता दें कि शौर्य इंडिया फाउंडेशन नाम की संस्था भी चला रहे हैं। इस संस्था के निदेशक शौर्य हैं, साथ ही सुरेश प्रभु, निर्मला सीतारमण, एमजे अकबर के साथ जयंत सिन्हा जैसे केंद्रीय मंत्री भी इसमें निदेशक हैं। बता दें कि बीजेपी ने शौर्य को पार्टी सदस्यता देने के साथ ही प्रदेश कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य का दर्जा दिया है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि शौर्य को विदेश और आर्थिक मामलों की अच्छी जानकारी है। पार्टी को इसका फायदा मिलेगा।


  • MORE UTTARAKHAND NEWS

View More Latest Uttarakhand News
  • TRENDING IN UTTARAKHAND

View More Trending News
  • More News...

News Home