दुखद: उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल बीएल जोशी जी का निधन, देशभर में शोक की लहर
Dec 22 2017 8:33PM, Writer:कपिल
इस वक्त एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल बीएल जोशी जी का निधन हो गया है। देशभर में इस खबर के बाद से शोक की लहर है। बीएल जोशी का शुक्रवार को निधन हो गया। वो उत्तर प्रदेश के भी राज्यपाल रह चुके हैं। इसके साथ ही वो दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर भी रहे हैं। जोशी 81 वर्ष के थे। पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे जोशी को दिल्ली के एम्स में शुक्रवार सुबह ही भर्ती कराया गया था। उनके निधन पर देश के प्रधानमंत्री से लेकर बड़े राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है और कहा है कि वो बेहद ही सौम्य स्वभाग के थे। उन्होंने अपने अनुभव से वक्त वक्त पर प्रदेश का मार्ग दर्शन भी किया। राजस्थान में जन्में जोशी के निधन की खबर पर सभी ने शोक जताया है। बीएल जोशी अक्टूबर 2007 से जुलाई 2009 के बीच उत्तराखंड के राज्यपाल रहे थे।
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इसके बाद बीएल जोशी ने 28 जुलाई 2009 को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। जबकि दूसरी बार उन्होंने 7 मार्च 2014 को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल पद संभाला था। उनका जन्म राजस्थान के नागौर जिले के छोटी काठू नाम के छोटे से गांव में हुआ था। राजस्थान के नागौर जिले के छोटी खाटू में 27 मार्च 1936 को पैदा हुए बनवारी लाल जोशी प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी राजनीतिक सोच और समझ के लिए भी जाने जाते थे। दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में बीएल जोशी जी का निधन हो गया । जोशी पिछले कई दिनों से दिल की बीमारी से जूझ रहे थें। उनके निधन के बाद राजनीतिक जगत से लेकर आम लोगों में भी उनके मौत से शोक का माहौल देखने को मिल रहा है। बीएल जोशी भारतीय राजनीति के जानेमाने चेहरों में से एक रहे।
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बीएल जोशी ने अपनी स्नातक की पढ़ाई कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कालेज से पूरी की थी। उसके बाद विश्वविद्यालय विधि महाविद्यालय, कोलकाता से विधि में स्नातक किया। राजस्थान में जन्में जोशी ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पुलिस में साल 1957 में शुरु की। फिर बाद में उन्होंने पुलिस सेवा में अधिकारी भी रहे। साल 1991 में पुलिस की नौकरी छोड़ उन्होंने सामाजिक कार्य करना शुरू कर दिया। फिर इसी काम के कारण साल 1993 में वो अमेरिका गए। वहां उन्होंने एक एनजीओ के साथ मिलकर सामाजिक क्षेत्र में भी अहम काम किए। साल 2000 में वो भारत वापस लौट आए। भारत वापस लौटने के साल ही उन्हें राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग का सदस्य भी बनाया गया। भगवान पुण्यआत्मा को शांति प्रदान करे।