image: Devanshi rana won silver medal in national shooting championship

जय उत्तराखंड: चैंपियन पिता की होनहार बेटी, मेडल जीतकर बढ़ाया देवभूमि का मान

Dec 30 2017 4:49PM, Writer:अमित

अभी तो उड़ान बाकी है, ये तो बस शुरुआत है। आज पूरा उत्तराखंड जसपाल राणा के नाम को अच्छी तरह से जानता है। पद्मश्री पुरस्कार जीतने वाले जसपाल राणा ने देश को कई बार सम्मान और गौरव के पल दिए थे। अब ये जिम्मा जसपाल राणा की बेटी देवांशी राणा ने संभाला है। केरल के तिरुअन्नतपुरम में 61 वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इस कॉम्पिटीशन में देवांशी राणा ने सिल्वर मेडल जीता है। ये मेडल जीतकर देवांशी राणा ने अपने क्षेत्र प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। साफ है कि जसपाल राणा की बेटी देवांशी अपने पिता की राह पर कामयाबी की ओर बढ़ रही है। इस नेशनल कॉम्पिटीशन में देशभर के करीब 1500 निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। नेशनल लेवल पर मेडल जीतने वाली देवांशी तीसरी पीढ़ी की सदस्य हैं, जिन्होंने मेडल अपने नाम किया है।

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देवांशी के दादा नारायण सिंह राणा ने भी राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता था। इसके बाद नारायण सिंह राणा के बेटे जसपाल राणा ने तो इतिहास ही रच दिया था। जसपाल राणा ने 1995 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में आठ स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड तैयार किया था। 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल कैटेगरी में जसपाल राणा ने कमाल ही कर दिया था। 1994 के एशियन गेम्स में जसपाल राणा ने गोल्ड मेडल जीता था। फिलहाल जसपाल राणा देहरादून में राणा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड टेक्नोलॉजी में बतौर कोच हैं। पद्मश्री से पहले जसपाल राणा को अर्जुन अवॉर्ड भी मिल चुका है। अब जसपाल राणा की बेटी देवांशी राणा भी इसी सिलसिले को आगे बढ़ा रही हैं। देवांशी से अब उम्मीदें और भी ज्यादा बढ़ गई हैं। देवांशी के पिता जसपाल राणा बेटी की इस कामयाबी से बेहद खुश हैं।

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देवांशी के दादा नारायण सिंह राणा का कहना कि बेटी ने अभी उत्तराखंड का मान बढ़ाया है। एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर पिता की तरह पूरे देश का मान बढ़ाएगी। देवांशी की ये सफलता साबित करती है कि आगे आने वाले वक्त में वो देश के लिए हीरा साबित होने वाली हैं। बड़ी प्रतियोगिता में कद्दावर खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर देने वाली देवांशी के लिए इतना कहा जा सकता है कि वो लंबी रेस की खिलाड़ी बन रही हैं। पिता की ही तरह देश का नाम रोशन की जिम्मेदारी अब देवांशी के कंधों पर हैं। ऐसे में उम्मीदें बरकरार हैं। देवांशी से उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश को भी उम्मीदें हैं कि आने वाले वक्त में वर्ल्ड लेवल पर मेडल जीतकर देश के साथ साथ प्रदेश का नाम भी रोशन करें। राज्य समीक्षा की टीम की तरफ से देवांशी को हार्दिक शुभकामनाएं


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