उत्तराखंड शहीद जसवंत सिंह रावत की शौर्यगाथा देखेगी दुनिया, बन रही है ऐतिहासिक फिल्म
Jan 5 2018 6:56PM, Writer:कपिल
उत्तराखंड के वीर सपूत जसवंत सिंह रावत, जिन्होंने अकेले दम पर 300 चीनी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था। बताया जा रहा है कि अब उन पर एक फिल्म बन रही है। देहरादून के एफआरआई में इस फिल्म की शूटिंग की गई है। इस फिल्म में जसवंत सिंह रावत का किरदार अविलाष ध्यानी निभा रहे हैं। अविलाष ध्यानी इस फिल्म के निर्देशक भी बताए जा रहे हैं। फिल्म का नाम राइफलमैन जसवंत सिंह रावत है।अब ये भी जान लीजिए कि आखिर कैसे अकेले जसवंत 300 चीनी सैनिकों पर भारी पड़े थे। साथ ही हम आपको ये भी बता रहे हैं कि कैसे इस शहीद की सेवा में अभी भी 5 जवान लगे रहते हैं और उनका प्रमोशन होता है। ये कहानी 1962 में भारत और चीन के बीच के युद्ध की है। इस युद्ध में 72 घंटे तक एक जवान बॉर्डर पर टिका रहा था। जसवंत सिंह रावत ने अकेले बॉर्डर पर लड़कर 24 घंटे चीन के सैनिकों को रोककर रखा था।
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चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश के रास्ते भारत पर हमला कर दिया था। चीन का भारत के इस क्षेत्र पर कब्जा करने का उद्देश्य था। इस दौरान सेना की एक बटालियन की एक कंपनी नूरानांग पुल की सुरक्षा के लिए तैनात की गई। इस कंपनी में जसवंत सिंह भी शामिल थे। चीन की सेना भारत पर लगातार हावी होती जा रही थी। इस वजह से भारतीय सेना ने गढ़वाल राइफल की चौथी बटालियन को वापस बुला लिया गया। मगर इसमें शामिल जसवंत सिंह, गोपाल गुसाई और लांस नायक त्रिलोकी सिंह नेगी वापस नहीं लौटे। ये तीनों सैनिक एक बंकर से लगातार फायर कर रही चीनी मशीनगन को छुड़ाना चाहते थे। तीनों जवान चट्टानों में छिपकर भारी गोलीबारी से बचते हुए चीन की सेना के बंकर तक आ पहुंचे। इसके बाद सिर्फ 15 यार्ड की दूरी से इन्होंने हैंडग्रेनेड फेंका और चीन की सेना के कई सैनिकों को मारकर मशीनगन छीन लाए।
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ये ही वो पल था कि इस लड़ाई की दिशा ही बदल गई। चीन का अरुणाचल प्रदेश को जीतने का सपना पूरा नहीं हो पाया। इस गोलीबारी में त्रिलोकी सिंह नेगी और गोपाल गुसाईं मारे गए। जसवंत सिंह को चीन की सेना ने घेर लिया और उनका सिर काटकर ले गए। शहीद जसवंत सिंह का अरूणाचल प्रदेश में मंदिर भी बनाया गया है। उनका प्रमोशन होता है और सेना के 5 जवान उनकी सेवा में लगे रहते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कहा जाता है कि शहीद होने के बाद भी जसवंत सिंह रावत देश की रक्षा में तैनात हैं।