लालू प्रसाद यादव को 3.5 साल की सजा, 5 लाख रुपये जुर्माना, जेल में गाय पालेंगे !
Jan 6 2018 4:40PM, Writer:अमित
आखिरकार लालू प्रसाद यादव पर सजा का ऐलान हो गया है। कोर्ट ने लालू को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 5 लाख रुपये क जुर्माना भी लगाया गया है। लालू के अलावा फूलचंद, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, सुनील कुमार, सुशील कुमार, सुधीर कुमार और राजाराम को भी साढ़े तीन साल की जेल और 5 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। फैसला आने के बाद लालू यादव के बेटे तेजस्वी ने कहा है कि कोर्ट ने अपना काम कर दिया और हम फैसले का अध्ययन करने के बाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अपील करेंगे। इससे पहले सुनवाई के दौरान सीबीआई जज ने कहा कि लालू के लिए ओपन जेल ठीक होगी क्योंकि उन्हें 'काउ फार्मिंग' का अनुभव है। कोर्ट में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लालू के खिलाफ सुनवाई शुरू की गई थी। इससे पहले शुक्रवार को राजा राम जोशी और महेश प्रसाद की सजा पर सुनवाई पूरी हुई।
यह भी पढें - उत्तराखंड की बेटी को शुभकामनाएं, मिस एशिया कॉम्पिटीशन में जीता दुनिया का दिल
यह भी पढें - उत्तराखंड की बेटी पर डोनाल्ड ट्रम्प का भरोसा, अमेरिका में मिली बड़ी जिम्मेदारी
शुक्रवार को अदालत ने किसी को भी सजा नहीं सुनाई। लालू यादव की कोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। लालू की सजा पर महज पांच मिनट में ही सुनवाई पूरी हो गई। लालू के वकील ने उनकी सेहत का हवाला देते हुए कम से कम सजा दिए जाने की अपील की थी। लालू के वकीलों का कहना था कि जिन धाराओं में उन्हें दोषी करार दिया गया है, उसमें एक साल की सजा का भी प्रावधान है। इस वजह से उन्होंने अदालत ने न्यूनतम सजा देने की मांग की। इस बीच कोर्ट में लालू यादव के वकील ने कहा था कि लालू को किडनी की बीमारी है और वो डायबिटिक भी है। उनके दिल का भी ऑपरेशन हो चुका है। ऐसे में उन पर रहम दिखाई जाए। इसके अलावा लालू यादव का कहना था कि जेल में उन्हें इंफेक्शन होने का डर है क्योंकि रांची की बिरसा मुंडा जेल में पीने के लिए शुद्ध पानी तक नहीं है। जिसका असर उनकी किडनी पर हो सकता है।
यह भी पढें - Video: उत्तराखंडी लड़का दुबई में फंसा, मालिक ने किया टॉर्चर, तभी देवदूत बना एक पहाड़ी
यह भी पढें - उत्तराखंड को घेरने को तैयार चीन, रक्षा विशेषज्ञों का मोदी सरकार को अलर्ट !
देवघर ट्रेजरी केस में सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव समेत कुल 16 लोगों को दोषी ठहराया था। जिसमें पांच लोगों को गुरुवार को ही सजा सुनाई जा चुकी थी। चारा घोटाले में लालू यादव की सजा का एलान पहले तीन जनवरी को ही होना था। लालू को रांची की बिरसा मुंडा जेल से सीबीआई कोर्ट भी ले आया गया था। लेकिन, एक वकील की मौत के बाद अदालत में वकीलों ने काम बंद कर दिया था। जिसके बाद उनकी सजा को एक दिन के लिए टाल दिया गया था। बाद में सजा की तारीख चार जनवरी यानी गुरुवार तय की गई। लेकिन, अल्फाबेटिकल ऑर्डर में लालू यादव का नाम बाद में आ रहा था। इसलिए उन्हें गुरुवार को भी सजा नहीं सुनाई जा सकी। हालांकि इस दौरान लालू यादव ने सीबीआई के जज से गुहार लगाई थी कि उन्हें गुरुवार को ही सजा सुना दी जाए। तब लालू यादव ने जज के सामने जेल की दिक्कतें भी गिनाईं थीं।