उत्तराखंड के लिए जनरल बिपिन रावत का बड़ा काम, ऐसे चुकाएंगे मातृभूमि का कर्ज !
Jan 13 2018 9:52AM, Writer:कपिल
पहाड़ में पलायन इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत भी इस बात को अच्छी तरह से जानते हैं। जनरल बिपिन रावत वैसे भी खामोश बैठने वाले इंसानों में नहीं हैं। उनका सीधा सा फंडा है कि अगर किसी बीमारी का खत्म करना है तो उसके लिए मोर्चे पर डटना होगा। इस वजह से उन्होंने अब उत्तराखंड में पलायन से जुडे़ मुद्दे पर अपना एक नया रोल चुन लिया है। बताया जा रहा है कि उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों को जनरल बिपिन रावत होम स्टे जैसी बड़ी योजना से जोड़ेंगे। राज्य सरकार को आर्मी चीफ ने इस बारे में सहमति दे दी है। बताया जा रहा है कि सेना के एक ऑफिसर को पूर्व सैनिकों से बातचीत करने के लिए जल्द ही तैनात किया जाना है। आपको बता दें कि उत्तराखंड में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा पूर्व सैनिक हैं। बताया जा रहा है कि पलायन रोकने के लिए राज्य सरकार की होम स्टे योजना काफी अहम है।
यह भी पढें - जनरल बिपिन रावत की चीन को खुली चुनौती, ‘ तैयार है सेना , बस इशारे की देर है’ !
यह भी पढें - रावत की रफ्तार, धनोआ की धमक से बिलबिलाया पाकिस्तान, अमेरिका के सामने रोया!
एक तो इस योजना से पहाड़ में रोजगार से साधन उपलब्ध होंगे और दूसरी बात ये है कि इससे पलायन काफी हद तक रुकेगा। इसके साथ ही सामरिक दृष्टि के लिहाज से भी ये काफी महत्वपूर्ण है। हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी कि खाली होते पहाड़ देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इन सारी बातों को देखते हुए आर्मी चीफ नए प्लान के तहत काम करेंगे। बताया जा रहा है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और आर्मी चीफ बिपिन रावत के बीच बीते साल एक मुलाकात हुई। दोनों के बीच इस बारे में आपसी सहमति बन गई है। सतपाल महाराज ने इस बात की पुष्टि भी की थी। आपको बता दें कि होम स्टे केंद्र सरकार की योजना है, जिसे 2015 में लागू किया गया था। इस योजना के तहत अपने घर में ही रहते हुए पर्यटकों के लिए रहने-खाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे। साथ ही पलायन रोकने में भी ये मुहिम काफी असरदार साबित होगी।
यह भी पढें - जनरल बिपिन रावत का अपमान…इस लेखक ने की जनरल डायर से तुलना...गुस्से में देश...
यह भी पढें - शेरदिल उत्तराखंडी: जनरल बिपिन रावत का एक्शन, हिजबुल के आतंकी हुए ढेर
हालांकि इस बीच इस योजना का उतना असर उत्तराखंड में देखने को नहीं मिला था। खास बात ये है कि इस योजना के तहत की जाने वाली हर गतिविधि व्यवसायिक टैक्स से मुक्त रहती है। इसके अलावा, होटलों की तरह इसे सराय एक्ट में रजिस्टर्ड कराने की भी जरूरत नहीं होगी। हालांकि होम स्टे योजना विदेशों में काफी प्रचलित है। आर्मी चीफ बिपिन रावत को इस संबंध में भूटान का अनुभव याद हैं। बताया जा रहा है कि आर्मी चीफ ने भूटान से कुछ अनुभव भी इस बारे में साझा किए हैं। आर्मी चीफ चाहते हैं कि उत्तराखंड के पूर्व सैनिक पहाड़ के अलग अलग इलाकों में इस योजना को शुरू करें। इसके साथ ही अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत करें। अब देखना है कि उत्तराखंड में पलायन रोकने और रोजगार के साधन उपलब्ध कराने के लिए आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत की ये मुहिम कितनी कारगर साबित होती है। अगर ऐसा होता है तो उत्तराखंड के लिए ये बेहतरीन खबर साबित हो सकती है।