Video: उत्तराखंडियों से सीखिए इंसानियत, दुबई में फंसे बेबस लोगों का मसीहा बना पहाड़ी सपूत
Jan 16 2018 11:09AM, Writer:आदिशा
इंसानियत और उत्तराखंडी, शायद इन दोनों का एक दूसरे से गहरा नाता है। ये बात तो सच है कि आज के दौर में भी उत्तराखंड के लोगों के दिलों में इंसानियन, जन भावना और सामाजिक कार्यों को जज्बा है। ये ही वो वजह है कि कई बार तो उत्तराखंड के लोगों की वजह से मौतच में मुंह में फंसे लोग नई जिंदगी को देख पाए हैं। भारत में तो छोड़िए, विदेशों में भी उत्तराखंडी लोग इंसानियत के बूते अपने कामों से ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। इन्ही में से एक हैंरोशन रतूड़ी। रोशन रतूड़ी ने एक बार फिर से दुबई में फंसे उत्तराखंडी को उनके घर तक पहुंचाया और मदद की। इसके साथ ही रोशनने अपने फेसबुक पेज पर उस शख्स के साथ एक वीडियो पोस्ट किया है। उत्तराखंड के रहने वाले भरत सिंह ने कभी भी सोचा होगा कि उनकी जिंदगी में कोई उत्तराखंड का ही शख्स देवदूत बनकर आएगा।
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भरत सिंह दुबई में काम करते थे। उनकी बूढी मां बहुत बीमार रहती हैं। काफी लंबे वक्त से भरत की मां अपने बेटे का इंतजार कर रही थी। भरत सिंह काफई वक्त से परेशान थे। उनकी कम्पनी की ग़लती की वजह से वो घर नही जा पा रहे थे। इस वजह से वो लगातार अवसाद की तरफ जा रहे थे । रोशन रतूड़ी बताते हैं कि भरत जैसे बहुत सारे लोग कम्पनी की ग़लती की वजह से और दलालों की वजह विदेशो में बहुत तकलीफों में फंसे हैं। यहां तक कि कंपनियों की गलती की वजह से कई लोग जेलों में बंद भी पड़े हैं। विदेशी धरती में ऐसे लोगों की मदद करने वाला और सुनने वाला कोई नहीं है। जब भरत के बारे में रोशन रतूड़ी को पता चला, तो उन्होंने भरत की दिल से मदद करने की सोची।
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आखिरकार भरत कानूनी लड़ाई जीत गए। भरत के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही है। इसके वो बार बार रोशन रतूड़ी का शुक्रिया भी अदा कर रहे हैं। भरत के लिए रोशन रतूड़ी ने जो भी किया है, उसे वो अपना फर्ज मानते हैं और कहते हैं कि आगे की इंसानियत के लिए वो लगातार ऐसे काम करते रहेंगे।