Video: वीर पहाड़ी अजीत डोभाल को जन्मदिन की बधाई, सुनिए अब तक का सबसे ओजस्वी भाषण
Jan 20 2018 5:57PM, Writer:कपिल
देश की शान और उत्तराखंड के सपूत अजीत डोभाल का आज 73वां जन्मदिन है। 20 जनवरी 1945, इसी दिन उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के एक गांव में अद्भुत प्रतिभा के धनी अजीत डोभाल का जन्म हुआ था। उनके पिता भी खुद आर्मी ऑफिसर थे। इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि अजीत डोभाल भारत के अकेले ऐसे नागरिक हैं, जिन्हें शांतिकाल में दिया जाने वाले दूसरा सबसे बड़ा पुरस्कार यानी कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। अजीत डोभाल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अजमेर मिलिट्री स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में एमएम किया था। भारत को डोभाल ऐसे ऐसे गौरवशाली पल दे चुके हैं, जिनके बारे में बखान करने के लिए बहुत लंबा वक्त चाहिए। इतना समझ लीजिए कि वो ऐसे कारनामों को अंजाम दे चुके हैं, जहां जेम्स बॉन्ड के किस्से भी फीके पड़ते हैं।
यह भी पढें - पहाड़ी शेर अजीत डोभाल बने पीएम मोदी के संकटमोचक, अमेरिका में किया ये काम
डोभाल एक रिटायर्ड आईपीएस भी हैं। इसके अलावा वो आईबी के डाय़रेक्टर के पद पर भी रह चुके हैं। एक ऐसा जासूस जो 7 साल पाकिस्तान में रहा और पाक सरकार को कानों कान इसकी खबर तक नहीं लगी। इस बीच हम आपके दिल में देशभक्ति का जज्बा जगाने के लिए अजीत डोभाल का वो ओजस्वी भाषण लेकर आए हैं, जिसकी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में तारीफ हुई थी। इस वीडियो में डोभाल जनता को संबोधित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ‘’सोचने और समझने की इस वक्त बेहद जरूरत है। हिंदुस्तान अगर कोई जंग हारा है तो अपने लोगों की वजह से हारा है।’’ डोभाल आगे कह रहे हैं कि ‘’भारत विदेशियों से इतना नहीं हारा, जितना अपने ही मुल्क के लोगों से हारा है। अंग्रेजों ने भारत के खिलाफ के खिलाफ कोई ऐसी लड़ाई नहीं जीती, जिसमें कि अंग्रेजों की फौज में भारतीय सैनिक ना रहे हों।’’
यह भी पढें - पहाड़ी शेर डोभाल से डर गया दाऊद इब्राहिम, इकबाल कासकर ने किया बड़ा खुलासा !
डोभाल ने आगे कहा कि ‘’अग्रेजों के साथ हमेशा भारतीय आर्मी रही थी। इसके बाद डोभाल कहते हैं कि जब जब भारत पर आक्रमण हुआ, चाहे वो पारसी थी, या हूण थे, या मंगोल थे या मुगल आए थे, उस वक्त चंद धोखेबाजों की वजह से भारत हारा था।’’ डोभाल आगे कहते हैं कि ‘’लश्कर कहां तैयार हुए हैं ? लश्कर लाहौर, इस्लामाबाद, सरहिंद में बने थे। हिंदुस्तान को अगर किसी ने हराया है तो हिंदुस्तान के ही चंद लोगों ने हराया है, जिन्होंने कभी देश का साथ नहीं दिया। भारत के इतिहास में दर्द इस बात का नहीं है कि विदेशियों ने हमारे साथ क्या किया, दर्द इस बात का है कि हमारे लोगों ने ही हमारा साथ नहीं दिया।’’ देखिए वो पूरा भाषण। जन्मदिन पर अजीत डोभाल को हार्दिक शुभकामनाएं