उत्तराखंड का सपूत सीमा पर शहीद, 5 साल की बेटी की आंखों में आंसू, रो पड़े पहाड़ !
Jan 24 2018 5:26PM, Writer:मीत
देश की रक्षा के लिए अगर किसी प्रदेश के युवा सबसे आगे आते हैं, तो वो उत्तराखंड से हैं। ये उत्तराखंड के ही लाल हैं, जो हर पल, हर वक्त देश की रक्षा के लिए तैनात रहते हैं। दुश्मन का सीधे साममा करना और मातृभूमि के लिए मर मिटने का जज्बा हर उत्तराखंडी के दिल में है। पहाड़ का एक और वीर सपूत मातृभूमि के लिए कुर्बान हुआ है। चमोली जिले का लाल लाखों - करोड़ों आंखों में आंसू देकर चला गया, देशभक्ति की एक मशाल सभी के दिलों में जला गया। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान पहाड़ के वीर सपूत जगदीश पुरोहित को गोली लगी थी। इसके बाद जगदीश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में जगदीश पुरोहित ने दम तोड़ दिया। जगदीश पुरोहित अभी सिर्फ 34 साल के थे। दो दिन पहले जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों ने अपने नापाक इरादे जाहिर किए।
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भारत में घुसपैठ की कोशिशों में लगे आतंकियों ने भारतीय जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। भारतीय सेना के जवानों ने आतंकियों की हर गोली का मुंहतोड़ जवाब दिया। लेकिन इस मुठभेड़ में उत्तराखंड का एक और वीर सपूत वीरगति को प्राप्त हो गया। इस मुठभेड़ में उन्हें गोली लग गर्इ थी। घायल हालत में उन्हें राजौरी स्थित सेना के हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। इस बीच इलाज के दौरान जगदीश पुरोहित क शहीद हो गए। जगदीश चमोली जिले के गंडासू गांव के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम गोविंद राम पुरोहित है। 15 साल पहले जगदीश गढ़वाल राइफल में भर्ती हुए थे। फिलहाल वो महार रेजीमेंट में तैनात थे। शहीद जगदीश का एक डेढ़ साल का बेटा है और 5 साल की एक प्यारी सी बच्ची है। शहीद की पत्नी बच्चों के साथ गोपेश्वर में रहती है। जगदीश की पत्नी को ही सेना के अधिकारी का फोन आया था।
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उस वक्त उन्हें उनके घायल होने की जानकारी दी गर्इ थी। पूरे देश को इस परिवार पर गर्व है, जिन्होंने देश के लिए वीर सपूत को जन्म दिया। इस दुःख की घडी मैं हम सब उनके साथ है। शत शत नमन। देवभूमि के इस शहीद को।