image: pankaj semwal awarder by pm modi with bravery award

पहाड़ के वीर बालक को पीएम मोदी का सलाम, बोले ‘पंकज ने दुनिया को सीख दी है’

Jan 25 2018 9:22AM, Writer:आदिशा

जैसा कि हमने आपको कुछ वक्त पहले ही बता दिया था कि उत्तराखंड के पंकज सेमवाल को वीरता पुरस्कार दिया जाना है। आखिरकार वो पल आ ही गया। पंकज सेमवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया। ये देश का सर्वोच्च बाल सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात से एक दिन पहले पंकज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात की। पंकज सेमवाल और वीरता पुरस्कार हासिल करने वाले सभी बच्चों को पीएम मोदी के आवास में बुलाया गया था। पीएम मोदी ने इन सभी बच्चों से व्यक्तिगत बातचीत की। जब पीएम मोदी को पंकज सेमवाल की वीरता का परिचय दिया गया, तो वो खुद भी हैरान रह गए। पीएम मोदी पंकज से काफी प्रभावित हुए। मोदी ने कहा कि छोटी उम्र में गुलदार से भिड़ने का हौसला बेहद ही असाधारण है।

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मोदी ने ये भी कहा कि अपनी मां और भाई-बहन को बचाने के लिए जिस तरह से पंकज ने अपने प्राणों की परवाह नहीं की, ये सभी बच्चों के लिए मातृभक्ति की मिसाल बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि पंकज आज का श्रवण कुमार है। इसके बाद पीएम मोदी ने पंकज सेमवाल समेत सभी वीर बालकों को राष्ट्रीय वीरता मेडल पहनाया। इसके अलावा हर बच्चे को 20 हजार रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर होने वाली परेड में सभी वीर बालकों को शामिल किया जाएगा। मंगलवार को पंकज सेमवाल ने देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की थी। ये मुलाकात राष्ट्रपति भवन में हुई थी। पंकज इससे पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और देश के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत समेत कई लोगों से मुलाकात कर चुके हैं।

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10 जुलाई 2016 का वो दिन पंकज कभी नहीं भूलेंगे, जब उनकी मां बिमला देवी घर के आंगन में काम कर रही थी। उस वक्त पंकज, उनका छोटा भाई और उनकी बहन भी वहीं मौजूद थे। इस दौरान गुलदार ने पंकज की मां पर हमला कर दिया था। मां की चीख सुन पंकज वहां दौड़े आए और बिना डरे तेंदुए पर टूट पड़े। पकंज ने गुलदार का सामना किया और इसके बाद तेंदुआ उनकी मां को छोड़कर भाग गया।




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