शहीद को सलाम...23 साल की उम्र में देश के लिए कुर्बान...विधवा मां का इकलौता बेटा चला गया
Feb 5 2018 9:46PM, Writer:कपिल
जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ में पाकिस्तानी गोलाबारी में कैप्टन कपिल कुंडू समेत सेना के 4 जवान शहीद हो गए। सिर्फ 23 साल का ये वीर बच्चा अपनी विधवा मां का इकलौता बेटा था। फेसबुक पर कैप्टन कुंडू का एक अकाउंट है। अपने परिचय में ही कैप्टन कुंडू लिखते हैं, ‘Life should be big instead of being long…’ यानी जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी होनी चाहिए। उनकी जिंदगी बचपन से ही संघर्ष भरी रही। 2012 में जिस दिन कपिल का जन्मदिन था, उसी दिन उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सिर से पिता का साया उठने के बाद उनकी मां सुनीता ने उन्हें देश सेवा के लिए फौज में भेजा। उनकी मां के अलावा उनकी दो बहनें है, जिनकी शादी हो चुकी है। कपिल की मां कहती हैं कि उनके बेटे पर देशभक्ति का जुनून था। वह देश के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे।
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कैप्टन की मां ने बताया कि कपिल जन्मदिन पर घर आने वाले थे। एक मां के दिल पर क्या गुजरी होगी, जब उसका इकलौता बेटा चला गया। शहीद कैप्टन के दादा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। उनका कहना है कि ‘’हमें फख्र है कि पोता सीमा पर शहीद हुआ। मैं चाहूंगा कि पाकिस्तान से इसका बदला लिया जाए।’’ कैप्टन कुंडू की पढ़ाई पटौदी जिले के डिवाइन डेल इंटरनैशनल स्कूल से हुई थी। साल 2012 में कपिल का एनडीए में चयन हुआ था, जहां से वे सेना के लिए चुने गए थे। एनडीए में ट्रेनिंग के दौरान भी उनके जोशीले और देशप्रेम के व्यवहार से हर कोई परिचित था। 10 फरवरी को ही कैप्टेन कुंडू का जन्मदिन था। शहीद कुंडू के पार्थिव शरीर को दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लाया गया, उन्हें सैन्य सलामी दी गई। जब फूल-मालाओं में लिपटा शहीद का पार्थिव शरीर उतरा तो सबकी आंखें गमगीन हो गईं।
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कैप्टेन ने एक कविता भी लिखी थी। इसे पढ़कर आप भी भावुक हो जाएंगी। कविता कुछ इस तरह से है। ‘’अपने लहू से सिंचा है उन परवानों ने...यूंही नहीं ये वादियां जन्नत कहलाती हैं...आज भी खड़ी है रुह-ए-आशिक़ इन सरहदों पे..आज़माना है किसी को अपना ज़ोर तो आए..पूछा खुदा ने काफी कत्ल किए हैं उस जहां ने...बोला, आशिक-ए-वतन हूं गुनाहों की हर सज़ा मंजूर है...करके नम अपने चशम, बोले निज़ाम ए आलम...ऐसे दलेर आशिक से पहली दफा पाला पड़ा है...बोला, खुदा कतार बहुत लंबी है अभी आने वालों की...कमी नहीं है मेरे मुल्क में उसपर मर मिटने वालों की’’। आपको बता दें कि शहीद सैनिकों में कश्मीर के सांबा के रोशनलाल, कठुआ के शुभम, ग्वालियर के राम अवतार भी शामिल हैं। राज्य समीक्षा का देश के इस वीर जवान को सलाम।