Video: पहाड़ी छोरे ने अनिल कुंबले का इतिहास दोहराया, टूटे जबड़े का साथ शतक लगाया
Feb 6 2018 10:08AM, Writer:आदिशा
साल 2002...भारत और वेस्टइंडीज के खिलाफ एंटीगुआ में टेस्ट मैच। ये वो मैच था जब एक बाउंसर अनिल कुंबले के जबड़े पर लगी थी। इसके बाद भी कुंबले ने टूटे जबड़े के साथ गेंदबाजी की थी और इसके बाद ब्रायन लारा जैसे बड़े खिलाड़ी का विकेट लिया था। मैदान पर ऐसे संघर्ष कभी बेकार नहीं जाते। जिस तरह से अनिल कुंबले ने मैदान पर एक जज्बा दिखाया था, वैसा ही जज्बा उत्तराखंड के लाल उन्मुक्त चंद ने भी करके दिखाया है। उन्मुक्त चंद को भी जबड़े पर चोट लगी थी। इसके बाद भी इस खिलाड़ी ने शतक जड़ दिया। 24 साल के उन्मुक्त पिथौरागढ़ के खड़कू भल्या गांव के मूल निवासी हैं। उन्मुक्त चंद ने विजय हजारे ट्रॉफी के लीग मैच में उत्तर प्रदेश के खिलाफ शतक जड़ा। इसके साथ ही उन्होंने ये साबित कर दिया है कि, उनके बल्ले का जादू अभी भी बरकरार है।
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विजय हजारे ट्रॉफी का ये मैच हिमाचल के विलासपुर में खेला गया। इस मैच में उन्मुक्त चंद ने 125 गेंदों का सामना किया । उन्होंने 12 चौके और 3 छक्कों की मदद से 116 रन बनाए। खास बात ये है कि उन्मुक्त चंद का जबड़ा टूटा हुआ था। इसके बाद भी वो उत्तर प्रदेश की टीम के खइलाफ टूटे जबड़े के साथ खेलने उतरे। उन्मुक्त की शतकीय पारी की बदौलत दिल्ली ने 307 रन बनाए और मैच को 55 रन से जीता। इसके साथ ही उन्मुक्त भी अब दुनिया के उन चंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जो चोट लगने के बाद भी खेलने उतरे और शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी। अभ्यास मैच के दौरान उन्मुक्त को चोट लगी थी। आपको बता दें कि उनमुक्त चंद भारतीय अंडर 19 टीम के कप्तान भी रह चुके हैं।
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16 अगस्त 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में भारतीय टीम ने अंडर 19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। उस मैच में उन्मुक्त ने नाबाद 111 रन बनाए थे। एक बार फिर से उन्मुक्त ने ये साबित कर दिया कि उनके बल्ले का जादू अभी भी बरकरार है। उन्मुक्त की ये बल्लेबाजी भी देखिए।