Video: उत्तराखंड शहीद के पिता की हुंकार, ‘अब हथियार उठाओ, खामोश क्यों बैठे हो ?’
Feb 7 2018 10:11AM, Writer:कपिल
पाकिस्तान हर दिन हमला कर रहा है और हम खामोश हैं, पाकिस्तान हर दिन अपने नापाक इरादे बॉर्डर पर जाहिर कर रहा है और सेना के जवान शहीद हो रहे हैं। हाल ही में उत्तराखंड के जगदीश पुरोहित सीमा पर शहीद हुए थे। इस साल जनवरी के महीने में ही जगदीश सीमा पर शहीद हो गए थे। पिता ने अपना बेटा तो खो दिया लेकिन अब शहीद के पिता का कहना है कि ‘ना जाने अब तक कितनों के बेटे चले गए, मेरा बेटा भी गया। कितनी बहुओं के सुहाग गए, कितने मां-बापों की औलादें इस तरह शहीद होती रहेंगी, और ना जाने कितने अभी और बिछड़ेंगे।’ जगदीश के पिता कहते हैं कि ‘मैं खुद 1971 की लड़ाई में शामिल रहा था। ’ इसके बाद शहीद के पिता ने कहा कि ‘मोदी जी आप विदेश के दौरों में ही लगे रहिए और हमारे बेटे यहां शहीद होते रहेंगे।’
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आपको बता दे कि इस साल 20 जनवरी का दिन था। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में अचानक गोलियों की आवाज सुनाई देने लगी। भारतीय सेना अलर्ट मोड में आई तो पता चला कि पाकिस्तान के रेंजर्स ने एक बार फिर से सीजफायर का उल्लंघन कर दिया है। पाकिस्तान ने कृष्णा घाटी सेक्टर में भारत की चौकियों को निशाना बनाया था। ये जानकर बिना डरे भारतीय सेना की महार केजीमेंट की टुकड़ी आगे बढ़ी। उत्तराखंड के सपूत जगदीश पुरोहित की बंदूक से निकली गोलियां पाक रेंजर्स के लिए काल बन रही थी। तभी एक गोली जगदीश को आ लगी। आखिरकार ये सपूत जमीन पर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद उन्हें कवर फायर देकर आर्मी अस्पताल ले जाया गया। जगदीश का एक डेढ़ साल का बच्चा था, एक 5 साल की बेटी थी।
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सिर्फ 34 साल की उम्र में ही ये वीर जवान देश की खातिर कुर्बान हो गया। पाकिस्तान की ओर से लगातार एलओसी पर जम्मू के 5 जिलों में फायरिंग हुई है। उत्तराखंड के वीर सपूतों ने देश की रक्षा में हर बार खुद को कुर्बान किया है। अब आप शहीद जगदीश पुरोहित के पिता का बयान सुनिए।