image: Story of anju rawat negi a lawyer

पहाड़ की वकील बेटी, देश के बेसहारा लोगों का सहारा बनी, मुफ्त में लड़ती हैं केस

Feb 19 2018 5:48PM, Writer:आदिशा

वो बेटी पौड़ी की रहने वाली है। पहाड़ों की इस बेटी ने देशभर में कई बेसहाराओं को मदद दी है। इस बेटी ने भी साबित किया है कि उत्तराखंड की बेटियां किसी भी मामले में किसी से कम नहीं हैं। आज हम बात कर रहे हैं अंजू रावत नेगी की। मूल रूप से पौड़ी से ताल्लुक रखने वाली ये बेटी फिलहाल गुरुग्राम में रहती हैं। अंजू रावत नेगी पेशे से वकील हैं। अंजू की आर्थिक रूप से कमजोर रेप पीड़ित महिलाओं के लिए इंसाफ की जंग लड़ती हैं। खास बात ये है कि इसके लिए वो किसी भी तरह की कोई फीस नहीं लेती। हाल ही में गुरुग्राम के पालम विहार में एक एसिड अटैक हुआ था। उस एसिड अटैक में पीड़िता को न्याय दिलाकर अंजू रावत नेगी देशभर में चर्चित हुईं थी। जिस महिला को अंजू रावत नेगी ने न्याय दिलवाया वो गुरुग्राम में घरों में काम कर अपनी जिंदगी बिताती थीं। आरोपियों ने शोषण का विरोध करने पर उस महिला और उसके बच्चे पर तेजाब फेंका था।

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इस केस को अंजू रावत नेगी ने फरिश्ते नाम के ग्रुप के साथ मिलकर लड़ा और उसे अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लिया। सेशन कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की और आरोपियों सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोषियों को जेल में रहने के दौरान होने वाली आमदनी का 60 फीसदी हिस्सा भी पीड़ित को देना होगा। दो गुनहगार इस केस के दोषी थे। दोनों पर ही एक एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। बताया जाता है कि इस केस के दौरान अंजू को मारने की भी धमकियां दी गई थी। उन पर हमले भी हुए थे लेकिन इन सबके बाद भी वो डरी नहीं। वो लगातार लड़ती रहीं और केस को अंजाम तक पहुंचा कर ही दम लिया। पौड़ी से अपनी प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने गढ़वाल विश्वविद्यालय से एलएलबी किया। इसके बाद मेरठ विश्वविद्यालय से उन्होंने एलएलडी किया।

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इस वक्त अंजू रावत नेगी 50 से ज्यादा मामलों में निशुल्क कानूनी सलाह दे रही हैं। अंजू रावत नेगी ने गुरुग्राम राजिंद्र पार्क में 6 साल की बच्ची के साथ हुए रेप केस में अदालत से आग्रह किया था की दोषी जो की 17 साल का है, उसे नाबालिग न मान कर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 संशोधित में चलाया जाये। कोर्ट ने मानते हुए ये स्पेशल कोर्ट में चलाने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया! इस फैसले से दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जा सकती है। उत्तराखंड को ऐसी बेटियों पर गर्व है, जो लगातार बेसहारा परिवारों के लिए मददगार साबित हो रही हैं। अंजू रावत नेगी ने ना सिर्फ इसकी मिसाल पेश की है, बल्कि देश के हर वकालत करने वाले शख्स को एक संदेश भी दिया है कि मानवता के लिए काम करने से ही जीत मिलती है। राज्य समीक्षा का पहाड़ की इस बेटी को सलाम है।


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