केदारनाथ में भारी बर्फबारी, लेकिन डीएम मंगेश घिल्डियाल ने पेश की हौसले की मिसाल
Mar 5 2018 2:44PM, Writer:कपिल
खुशी इस बात की होती है कि उत्तराखंड में ऐसे जिलाधिकारी भी हैं, जो लगातार अपने कामों से सभी का दिल जीत रहे हैं। ऐसे डीएम समाज में आने वाली नई पीढ़ी के लिए आदर्श बनते हैं। गर्व इस बात का भी है कि ये एक युवा डीएम हैं, जिनकी कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं। इस बेखौफ और निडर डीएम का नाम है मंगेश घिल्डियाल। मंगेश ने रुद्रप्रयाग जिले में अपने कामों से सभी को प्रभावित किया है। हाल ही में केदारनाथ में जमकर बर्फबारी हुई है। उधर नई केदारपुरी बनाने के लिए बर्फबारी में भी काम जारी है। पीएम मोदी भी इस काम पर लगातार नजरें बनाए हुए हैं। बताया जा रहा है कि केदार के कपाट जब खुलेंगे, पीएम मोदी भी उस दौरान वहां मौजूद रहेंगे। केदार में यात्रा तैयारियों के साथ ही पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत चल रहे निर्माण कार्यो का निरीक्षण करना था।
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इसके लिए डीएम मंगेश शनिवार को केदारनाथ के लिए रवाना हुए। जैसे ही भीमबली पहुंचे तो बर्फबारी और भी ज्यादा तेजी से होने लगी थी। करीब आठ किमी के रास्ते में बर्फबारी होती रही। बर्फबारी का सामना करते हुए देर रात केदार पहुंचे। इसके बाद सुबह-सुबह मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों को देखा। मंदिर के सामने जो पैदल मार्ग बन रहा है, उसका भी निरीक्षण किया गया। इसी दौरान उन्होंने एक मीटिंग भी ली। ऐसा पहली बार नहीं है कि डीएम मंगेश ने किसी काम से खबरों में जगह बनाई हो। अपने जिले में बेहतर कानून व्यस्था और शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए वो बेहतरीन काम कर चुके हैं। भले ही आपको ये सुनने में अविश्वसनीय लगे, लेकिन डीएम मंगेश के पास अपने जिले के 673 स्कूलों के हर कक्षा के छात्रों की हर दिन की प्रोग्रेस रिपोर्ट रहती है।छात्रों को कौन सा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है, ये डाटा भी डीएम के पास मौजूद रहता है।
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डीएम ने छात्र छात्राओं के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल के लिए निःशुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू करवाई हैं। खास बात ये भी है कि कई बार वो खुद ही किसी स्कूल का औचक निरीक्षण करते हैं और देखते हैं कि बच्चों को किस तरह की शिक्षा दी जा रही है। गरीबों और असहायों की मदद करने में डीएम मंगेश घिल्डियाल हमेशा तैयार रहते हैं। हाल ही में सर्दियों की रात में वो गरीबों को कंबल बांटते दिखे। लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए भी वो लगातार कोशिश करते जा रहे हैं। खुद मंगेश घिल्डियाल की पत्नी उषा घिल्डियाल भी इस मामले में आगे रहती हैं। रुद्रप्रयाग बालिका इंटर कॉलेज में पहले ऊषा घिल्डियाल ने छात्राओं को निशुल्क पढ़ाया। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालय में चौथी और पांचवीं क्लास के बच्चों को भी पढ़ाया। कुल मिलाकर कहें तो ऐसे जिलाधिकारी अपने कामों से जनता के हीरो बनते जा रहे हैं।