देवभूमि को ये किसकी नज़र लग गई ? एक दुकान पर रेड पड़ी, तो होश उड़ गए
Mar 9 2018 4:10PM, Writer:कपिल
एक छोटी सी दुकान और दुकान के पीछे चल रहा था नशे का सबसे गंदा धंधा। पुलिस की रेड पड़ी तो एक बड़ा खुलासा हो गया। एक आंकड़ा कहता है कि देश में करीब 1 लाख 12 हजार युवा ऐसे हैं जो हर साल या तो गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं या फिर मौत के मुंह में जा रहे हैं। इसके बाद भी देश में नशे का ये गंदा धंधा नहीं थम रहा है। पंजाब इसका एक जीता जागता उदाहरण है कि नशे की लत ने वहां युवाओं की सांसें किस कदर थाम ली हैं। ये बात भी सच है कि पहाड़ों में नशे की लत लगातार परवान चढ़ रही है। इस बीच जब उत्तराखंड पुलिस ने हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा की एक दुकान पर पुलिस और एसओजी की टीम ने छापा मारा, तो होश उड़ गए। नशे की सप्लाई करने का तरीका और नशे के सामान की कीमत हैरान करने वाली है। करीब 2 करोड़ रुपये की चरस मौके से बरामद की गई है।
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पुलिस ने मौके से 3 सौदागरों को गिरफ्तार किया है। लगभग तीन किलोग्राम चरस को जब्त कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस और एसओजी की टीम ने ये छापेमारी की थी। पुलिस को इस दुकान से काफी वक्त से चरस बेचे जाने की खबर मिली थी। ये तो पहला मौका है जब पुलिस ने यहां छापेमारी की और इस दौरान ही यहां दो करोड़ रुपये की चरस जब्त की गई है। जरा सोचिए इससे पहले यहां से ना जाने कितने करोड़ों रुपये के नशे को युवाओं की सांसों में घोला गया होगा। ना जाने कितने युवाओं को ये नशे की लत का शिकार बना चुके होंगे। बताया जा रहा है कि ये तीनों तस्कर पहाड़ के ही रहने वाले हैं। सूचना पर पुलिस ने देर रात कार्रवाई की। हल्द्वानी में एक परचून की दुकान की आड़ में चरस की तस्करी का ये धंधा ना जाने कितने वक्त से चल रहा था।
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पकड़े गए आरोपियों में एक शख्स बागेश्वर का रहने वाला बताया जा रहा है कि, जिसका नाम विनोद सिंग दानू है। दूसरा आरोपी जोत सिंह कपकोट का रहने वाला है। तीसरा आरोपी कैलाश जोशी पिथौरागढ़ का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि ये तीनों ही शख्स पहाड़ों से चरस लाकर हल्द्वानी और उसके आसपास के इलाकों में सप्लाई किया करते थे। पुलिस का कहना है कि इन तीनों के पास से जो चरस पकड़ी गई है, उसकी कीमत करीब 2 करोड़ रुपये है। पुलिस द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनपर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। उस वक्त पंजाब की तर्ज पर पहाड़ों में भी चरस का गंदा धंधा हो रहा है। युवा धीरे धीरे नशे की लत में डूब रहे हैं। रंगों में घुलते इस जहर का कारोबार कब थमेगा, ये तो फिलहाल कोई नहीं जानता लेकिन ये जरूर है कि पहाड़ भी मुश्किल में हैं।